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सोनाहातु कांची नदी पुल क्षतिग्रस्त कोच ग्रामीणों ने बनाया डायवर्सन अब राहगीरों से मनमानी वसूली का आरोप प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

 

*सोनाहातु से गौतम लोहरा की रिपोर्ट* सोनाहातु कांची नदी पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। सिल्ली–बंता की ओर से आने वाले बड़े और छोटे वाहन पुल तक पहुंचकर वापस लौटने को मजबूर थे। इससे राहगीरों को सोनाहातु–बुंडू–तमाड़ होते हुए लंबा चक्कर लगाकर रांगामाटी और जमशेदपुर जाना पड़ रहा था, जिससे समय और धन दोनों की भारी बर्बादी हो रही थी।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने आपसी सहयोग राशि से डीबाडीह आनंद नगर से जिंतुडीह बनडीह मोड़ तक अस्थायी डायवर्सन मार्ग तैयार किया। इस डायवर्सन से अब लोड गाड़ी, खाली गाड़ी, बस, पिकअप वैन और सवारी वाहन पार हो रहे हैं, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
लेकिन अब इस राहत के साथ एक नई समस्या खड़ी हो गई है। राहगीरों का आरोप है कि डायवर्सन मार्ग से गुजरने वाले वाहनों से मनमाने ढंग से पैसे वसूले जा रहे हैं। तय दर का कोई बोर्ड या आधिकारिक आदेश नहीं है, फिर भी अलग-अलग वाहनों से अलग-अलग राशि ली जा रही है। यात्रियों का कहना है कि मजबूरी का फायदा उठाकर अवैध वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन स्वयं निगरानी में सुरक्षित और अधिकृत डायवर्सन मार्ग का निर्माण कराए, ताकि अवैध वसूली पर रोक लगे और लोगों को पारदर्शी व्यवस्था मिले। साथ ही नियमों की अनदेखी कर पुल पर भारी वाहन पार कराने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि यह मुद्दा केवल सड़क या पुल का नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ का है। प्रशासन यदि समय रहते सक्रिय नहीं हुआ, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

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