सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिला कांग्रेस पार्टी के पूर्व वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष फूलकांत झा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित स्मारपत्र भेजकर चक्रधरपुर, घाटशिला और चांडिल अनुमंडलों को जिला घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन अनुमंडलों को बने दो दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इन्हें जिला का दर्जा नहीं मिल सका है, जिससे आम लोगों को प्रशासनिक सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।स्मारपत्र में झा ने उल्लेख किया कि चक्रधरपुर अनुमंडल को बने लगभग 25 वर्ष हो चुके हैं। इसके बावजूद पश्चिमी सिंहभूम जिले के दूरस्थ क्षेत्रों जैसे चाईबासा, जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, मनोहरपुर, गोइलकेरा और मझगांव के लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 80 से 100 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करनी पड़ती है। इससे सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता।उन्होंने कहा कि घाटशिला अनुमंडल के बहरागोड़ा, चाकुलिया और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी जिला मुख्यालय जमशेदपुर तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं चांडिल अनुमंडल, जो लगभग 24 वर्षों से अस्तित्व में है, उसके लोगों को भी सरायकेला जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं।फूलकांत झा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आगामी मानसून सत्र में इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए चक्रधरपुर, घाटशिला और चांडिल को नए जिले के रूप में घोषित किया जाए। उनका कहना है कि नए जिलों के गठन से प्रशासन आम जनता के और करीब पहुंचेगा, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।उन्होंने अपने स्मारपत्र में यह भी उल्लेख किया कि कोल्हान झारखंड सरकार की राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में कोल्हान की 14 विधानसभा सीटों में से 12 पर महागठबंधन को जीत मिली थी, जबकि पश्चिमी सिंहभूम लोकसभा सीट पर भी महागठबंधन के प्रत्याशी को जनता का समर्थन प्राप्त हुआ था। ऐसे में क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेकर जनता को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।