दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जामताड़ा शहर के दुलाडीह स्थित नगर भवन में रविवार को जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, उपायुक्त आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, डीडीसी असीम किस्पोट्टा, आईटीडीए परियोजना निदेशक जुगनू मिंज सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत बुके, पारंपरिक पगड़ी, पौधा और मोमेंटो देकर किया गया। जिला प्रशासन के पदाधिकारी भी पारंपरिक आदिवासी परिधान में नजर आए।समारोह में भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो एवं दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में बच्चों और कलाकारों ने आदिवासी नृत्य, गीत एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश दिया। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आदिवासी दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, पहचान, भाषा, संस्कृति, परंपरा और अधिकारों को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी सहित सभी वर्गों के हित में कार्य कर रही है तथा जामताड़ा में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी है। वही उपायुक्त आलोक कुमार ने युवाओं से अपनी संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक शिक्षा एवं तकनीक को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं के लिए अनेक अवसर हैं। महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक ज्ञान और कौशल को आधुनिक तकनीक व बेहतर बाजार से जोड़कर आजीविका के नए साधन विकसित किए जा सकते हैं। वही एसपी शम्भू कुमार सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज की प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली पूरी दुनिया के लिए अनुकरणीय है। जल, जंगल और जमीन आदिवासी जीवन एवं संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। महोत्सव में कृषि, मत्स्य, समाज कल्याण, जेएसएलपीएस सहित विभिन्न विभागों ने आकर्षक स्टॉल लगाए। अतिथियों ने पांच सामुदायिक वन पट्टों का वितरण किया। उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और बेहतर स्टॉल लगाने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार , जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, परियोजना निदेशक, आईटीडीए जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार के अलावा जिला स्तरीय पदाधिकारी, संबंधित मुखिया, जनप्रतिनिधिगण, झारखण्ड आंदोलनकारी, स्कूली बच्चे सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।