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पत्रकार पर पुलिस की दबंगई! कैमरा छीना, गालियाँ दीं, जेल भेजने की धमकी – कानून के रखवाले ही बने कानून तोड़ने वाले

दीपचंद दीक्षित/फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद।उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल एक बार फिर खड़े हो गए हैं। जनपद फर्रुखाबाद में एक दैनिक समाचार पत्र के क्राइम रिपोर्टर के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा की गई बदसलूकी ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 03 फरवरी 2026 को करीब 11 बजे मोहल्ला नलिया दरवाजे के पास थाना कोतवाली फर्रुखाबाद क्षेत्र में रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार ने पुलिस के दो सिपाहियों द्वारा दो लोगों की खुलेआम पिटाई का वीडियो बनाना शुरू किया। वीडियो बनते देख पुलिसकर्मी आग-बबूला हो गए और पत्रकार से अभद्र भाषा में सवाल-जवाब करने लगे।

जब पत्रकार की पत्नी ने इसका विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने मां-बहन की गालियाँ दीं। इसके बाद दबंग सिपाहियों ने जबरन मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट किया, मोबाइल जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों व थप्पड़ों से मारपीट की। इतना ही नहीं, पत्रकार और उसकी पत्नी को झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर मौके से भगा दिया गया।

पीड़ित पत्रकार जब न्याय की आस में थाना कोतवाली फर्रुखाबाद पहुंचा, तो वहां भी उसे और उसकी पत्नी को थाने से भगा दिया गया, जिससे यह साफ हो गया कि पूरे मामले में पुलिस कर्मियों को खुला संरक्षण प्राप्त है।

यह घटना केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। सवाल यह है कि जब सच दिखाने वाला कैमरा ही पुलिस को चुभने लगे, तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा?

अब देखना यह है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और शासन इस मामले में दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कर पत्रकारों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा।

पत्रकार संगठनों और जनमानस में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ तत्काल निलंबन व एफआईआर की मांग उठ रही है।

Raftaar Media | सच के साथ
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