कासगंजः पटियाली कोतवाली में धरने के बीच 'यू-टर्न' सियासतः भाजपा जिलाध्यक्ष के सोशल मीडिया पोस्ट से बदला घटनाक्रम, आरोपो से गरमाया माहौल
कासगंज। हाथरस घटना मे टिप्पणी प्रकरण में भाजपा नेता व पूर्व उच्च शिक्षा आयोग सदस्य नीरज किशोर मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पटियाली में चल रहा धरना उस समय नया मोड़ लेता नजर आ रहा है, क्यों कि धरने के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा दिए है। इस पोस्ट ने पूरे घटनाक्रम को एक तरह से 'यू-टर्न' दे दिया और मामला केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर पुलिस व्यवहार पर केंद्रित हो गया है।पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के आधार पर कार्रवाई करते हुए नीरज किशोर मिश्रा को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए और जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। प्रारंभिक चरण में विरोध का मुख्य मुद्दा गिरफ्तारी और उसकी प्रक्रिया को लेकर था।वहीं जानकारी के अनुसार पुलिस ने नीरज मिश्रा को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दे दी गई। इसके बावजूद धरना जारी रहने से घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग और गहरा कर लिया
धरने के बीच जिलाध्यक्ष ने फेसबुक पोस्ट कर पटियाली इंस्पेक्टर लोकेश भाटी व क्राइम इंस्पेक्टर पर संवाद न करने और कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि अधिकारियों ने उनसे बात करना जरूरी नहीं समझा और जब कार्यकर्ताओं के माध्यम से संवाद की कोशिश की गई तो कथित रूप से गाली-गलौज की गई।जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने स्पष्ट कहा कि कार्यकर्ताओं का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सम्मान सर्वोपरि है। पोस्ट सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई और मुद्दा गिरफ्तारी से हटकर पुलिस की कार्यशैली पर केंद्रित हो गया।
उक्त धरना पटियाली इंस्पेक्टर लोकेश भाटी व क्राइम इंस्पेक्टर पर कार्यवाही की मांग को लेकर 6 घंटे से लगातार जारी है। भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पदाधिकारी दोनों पुलिसकर्मियो पर निलंबन की कार्यवाही पर अडे है।पोस्ट वायरल होने के बाद जिले की सियासत और गरमा गई। विपक्षी दल भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
धरना जारी रहने और सोशल मीडिया पर बढ़ती बयानबाजी के बीच अब निगाहें प्रशासन की अगली रणनीति पर टिकी हैं। जानकारों का मानना है कि यदि वार्ता से समाधान नहीं निकला तो मामला और तूल पकड़ सकता है।
फिलहाल कोतवाली परिसर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन राजनीतिक तापमान लगातार चढ़ता नजर आ रहा है।
*बाइट* नीरज शर्मा भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष
रिपोर्ट जितेंद्र सिंह कासगंज
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