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Drug Free Life Story:जब पुलिस बनी सहारा और परिवार बना ताकत, नशे से बाहर आकर प्रेम कुमार ने पाई नई पहचान

रतिया (Ratia) | फतेहाबाद (Fatehabad) जिले में यह कहावत सच साबित हुई कि जब दृढ़ निश्चय (Strong Willpower) और सही मार्गदर्शन (Right Guidance) मिल जाए, तो इंसान अंधेरे से निकलकर रोशनी की ओर लौट सकता है। यह प्रेरक कहानी है रतिया कस्बे के गांव रत्ताखेड़ा (Rattakhera) निवासी प्रेम कुमार (Prem Kumar) की, जिन्होंने नशे की गिरफ्त से निकलकर दोबारा सम्मानजनक जीवन (Respectful Life) पाया।

फतेहाबाद में कार्यभार संभालते ही पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन, आईपीएस (SP Siddhant Jain IPS) ने जिले को नशा मुक्त (Drug Free District) बनाने का मानवीय संकल्प लिया। उनके नेतृत्व में चलाए गए नशा मुक्ति अभियान (De-Addiction Campaign) ने कई ज़िंदगियों को नई दिशा दी, जिनमें प्रेम कुमार की कहानी सबसे प्रेरणादायक बनकर सामने आई।

38 वर्षीय प्रेम कुमार कभी एक प्रतिष्ठित अकाउंट फर्म (Accounting Firm) में कार्यरत थे। उन्होंने दसवीं तक शिक्षा प्राप्त की थी और अपने परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य बना रहे थे। लेकिन मित्रों के साथ चंडीगढ़ (Chandigarh) यात्रा के दौरान पहली बार चिट्टे (Drug Use) का सेवन उनकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी भूल बन गया।

शुरुआत में नशा उन्हें सुकून देने लगा, लेकिन जल्द ही यह लत (Addiction) बन गया। नौकरी चली गई, आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और घर में रोज़ कलह (Family Conflict) रहने लगी। हालात इतने खराब हो गए कि बच्चे उनसे डरने लगे और पत्नी की हर कोशिश नाकाम (Failed Effort) होती चली गई।

नशे की पूर्ति के लिए प्रेम कुमार ने अपराध (Crime) का रास्ता अपनाया और पंजाब से नशीले पदार्थ लाकर बेचने लगे। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी (Arrest) के बाद उन्हें दो वर्ष का कारावास (Imprisonment) भी भुगतना पड़ा। समाज और रिश्तों से वे पूरी तरह कट चुके थे।

इसी दौरान जिले में नशा मुक्ति टीम (De-Addiction Team) को और सक्रिय किया गया। टीम प्रभारी उपनिरीक्षक शुन्दर लाल (SI Sunder Lal) के नेतृत्व में रतिया क्षेत्र में लगातार काउंसलिंग कैंप (Counselling Camp) लगाए गए। प्रेम कुमार के परिजनों ने सहायक उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह (ASI Mahender Singh) से संपर्क किया, जिसके बाद उन्हें सरकारी नशा मुक्ति केंद्र (Government De-Addiction Centre) में भर्ती कराया गया।

नियमित काउंसलिंग (Counselling), होम्योपैथिक उपचार (Homeopathic Treatment), परिवार का अटूट सहयोग और पुलिस की संवेदनशील भूमिका (Sensitive Policing) ने धीरे-धीरे प्रेम कुमार को पूरी तरह बदल दिया। आत्मविश्वास लौटा और जीवन के प्रति नई उम्मीद (New Hope) जगी।

आज प्रेम कुमार पूरी तरह नशा मुक्त (Drug Free) हैं और अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं। 1 जनवरी को एमएम कॉलेज (MM College) में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम में एसपी सिद्धांत जैन, आईपीएस ने उन्हें गले लगाकर प्रशंसा पत्र (Certificate of Appreciation) देकर सम्मानित किया।

प्रेम कुमार आज स्वयं प्रेरणा स्रोत (Inspiration) बन चुके हैं और नशे में फंसे युवाओं को इस दलदल से बाहर निकलने का संदेश दे रहे हैं। यह कहानी हर उस युवा के लिए है जो आज भी नशे के अंधकार में फंसा है।

फतेहाबाद पुलिस ने नशे से पीड़ित युवाओं से अपील की है कि वे बिना झिझक मोबाइल नंबर 94165-51738 (Helpline Number) पर संपर्क करें।

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