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जमशेदपुर के कदमा में प्रभु जगन्नाथ मंदिर की आधारशिला, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया शिलान्यास, कहा– यह धार्मिक पर्यटन और युवा चेतना का बनेगा केंद्र

 

जमशेदपुर। भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज जमशेदपुर के कदमा क्षेत्र पहुँचीं, जहाँ उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रभु जगन्नाथ मंदिर की आधारशिला रखी। इसके पश्चात उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, विधायक सरयू राय, पूर्णिमा दास सहित कई गणमान्य अतिथि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

राष्ट्रपति का संबोधन

अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रभु जगन्नाथ मंदिर के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परियोजना सही समय पर शुरू हो रही है, जो भगवान जगन्नाथ की महिमा और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा और युवा पीढ़ी के लिए चेतना एवं संस्कार का स्थल सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा,
“सब्र का फल मीठा होता है। महाप्रभु की कृपा सभी पर समान रूप से बरसती है। जगन्नाथ के द्वार पर कोई जाति-पात नहीं है, क्योंकि वे जगत के नाथ कहलाते हैं। यहां के लोगों ने सदियों से अपनी परंपराओं को संजोकर रखा है।”

झारखंड से जुड़ी स्मृतियाँ

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में झारखंड से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें राज्यपाल के रूप में झारखंड की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ था, जो उनके जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव रहा है। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता की सराहना की।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी इस परियोजना को जमशेदपुर और झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया। उनका कहना था कि प्रभु जगन्नाथ मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए मंदिर निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने का संदेश दिया।

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