मुर्दों ने कब्र और श्मशान से भेजा Voter Revision Form! मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का हो रहा खुलासा
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान में हुई लापरवाही का सच परत दर परत अब उजागर होता जा रहा है। कुमारखंड प्रखंड के बूथ संख्या 226 और 227 की विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत हुई जांच में चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई हैं। 1 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में न केवल मृत व्यक्तियों के नाम शामिल पाए गए, बल्कि विवाहित बेटियों और दोहरे पंजीकरण के कई मामले भी उजागर हुए।
मृतकों के नाम अब भी सूची में
जांच में पता चला कि बूथ संख्या 226 और 227 पर कुल छह मृत व्यक्तियों के नाम ड्राफ्ट सूची में दर्ज हैं। इनमें चंद्रिका देवी, दयाजी देवी, गीता देवी और राजेंद्र सरदार जैसे मतदाता शामिल हैं, जिनकी मौत 2020 से जून 2025 के बीच हो चुकी है। इसके बावजूद, इनके लिए विशेष पुनरीक्षण प्रपत्र जमा कर EPIC कार्ड भी जारी किए गए।
26 विवाहित बेटियों के दोहरे नाम
गांव की 26 विवाहित महिलाओं ने अपने ससुराल में मतदाता रहते हुए मायके में भी नाम सुरक्षित रखा है। इनमें रिंकी कुमारी और ऋचा कुमारी जैसी मतदाताओं के नाम दोनों स्थानों पर दर्ज हैं, जिससे दोहरी वोटिंग की संभावना बढ़ जाती है।
एक व्यक्ति, दो पंजीकरण
जांच में कई ऐसे मामले मिले जहां एक ही मतदाता का नाम अलग-अलग सीरियल और EPIC नंबर के साथ सूची में दो बार दर्ज है। राजा कुमार और अन्य मतदाताओं के नाम इसी श्रेणी में आते हैं।
बाहर के लोगों के नाम भी शामिल
सूची में पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के निवासी और एसटी सेंट मैरी स्कूल के संचालक रेमंड माइकल व उनकी पत्नी रीना माइकल का नाम भी दर्ज है, जो स्थानीय निवासी नहीं हैं। इसके अलावा, एक ही मकान में अलग-अलग जाति और धर्म के लोगों का पंजीकरण भी सवाल खड़ा करता है।
चुनाव आयोग ने दिया दावा-आपत्ति का समय
इन अनियमितताओं पर कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग ने मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया है। अब देखना होगा कि अंतिम सूची जारी होने से पहले इन त्रुटियों को किस हद तक सुधारा जाता है।
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