जनशक्ति के आगे झुका प्रशासन,धरना प्रदर्शन का दिखा असर, मोहलीडीह में 30 फीट का रास्ता अतिक्रमण मुक्त,
गांडेय :राजु मंडल: गांडेय अंचल अंतर्गत ताराटांड़ पंचायत के मोहलीडीह ग्राम में ग्रामीणों की एकजुटता और आंदोलन के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। लंबे समय से गैर-मजरूआ जमीन पर हो रहे अतिक्रमण और रास्ते के विवाद को लेकर ग्रामीणों द्वारा दिए गए धरने का व्यापक असर हुआ। बुधवार को अंचल अधिकारी (CO) मो. हुसैन ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर 30 फीट चौड़ा रास्ता ग्रामीणों के लिए मुक्त कराया।
मोहलीडीह ग्राम के खाता नंबर-8 में स्थित दो बड़े प्लॉट (क्रमशः 2 एकड़ 24 डिसमिल और 3 एकड़ 19 डिसमिल) गैर-मजरूआ खास श्रेणी की जमीन है। इस जमीन का उपयोग चिहुंटिया समेत कई गांवों के लोग आवागमन के लिए करते हैं। हाल ही में कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा इस जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो रहा था।
ग्रामीणों ने इसकी शिकायत थाना और अंचल कार्यालय में की थी, लेकिन मंगलवार को दोबारा काम शुरू होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण जमीन पर तिरपाल बिछाकर धरने पर बैठ गए। आंदोलन की उग्रता को देखते हुए अंचल के प्रधान लिपिक बबन सिन्हा ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
प्रशासनिक कार्रवाई और सीमांकन
बुधवार दोपहर 12 बजे सीओ मो. हुसैन, थाना प्रभारी सुशांत कुमार चिरंजीवी और भारी पुलिस बल के साथ विवादित स्थल पर पहुंचे। सरकारी अमीन द्वारा मापी कराए जाने के बाद निम्नलिखित निर्णय लिए गए,
-ग्रामीणों के लिए 30 फीट चौड़ा रास्ता सीमांकित कर मुक्त करा दिया गया।
-शेष जमीन पर जब तक राजस्व कर्मचारी और अमीन द्वारा चार हिस्सों में विधिवत बंटवारा नहीं कर दिया जाता, तब तक किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है।
- सीओ ने स्पष्ट किया कि अंचल कार्यालय की आधिकारिक मापी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कोई गतिविधि होगी।
-रास्ता मुक्त होने की खबर से मोहलीडीह और आसपास के गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई।
मौके पर जेएलकेएम के केंद्रीय सचिव यमुना मंडल, प्रधान लिपिक बबन सिन्हा, सरकारी अमीन दिवाकर प्रसाद वर्मा, कर्मचारी राजेंद्र कुमार समेत राजकुमार तुरी, विनोद राम, अनिल राम, दीपू अग्रवाल, सुरेंद्र यादव और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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