सरायकेला: सरायकेला की ऐतिहासिक रथयात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले पारंपरिक रथ मेला का शनिवार को विधिवत उद्घाटन सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष एवं रथ मेला समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने किया। उद्घाटन के साथ ही मौसीबाड़ी परिसर श्रद्धालुओं और मेला प्रेमियों की चहल-पहल से गुलजार हो उठा।बताया गया कि मौसीबाड़ी के समीप आयोजित होने वाला यह ऐतिहासिक रथ मेला लगभग 50 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जबकि सरायकेला की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की परंपरा करीब 350 वर्ष पुरानी है। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक यह मेला पूरे क्षेत्र के प्रमुख आयोजनों में शामिल है।रथ मेला समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि इस वर्ष मेले में लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। झारखंड के अलावा बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हर वर्ष इस ऐतिहासिक मेले में शामिल होते हैं।उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी श्रद्धालु सुगमता से मेले का आनंद उठा सकें।मनोज चौधरी ने बताया कि मौसीबाड़ी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा श्रद्धालुओं को विशेष स्वरूप में दर्शन देते हैं। इसी धार्मिक मान्यता और ऐतिहासिक परंपरा के कारण सरायकेला का रथ मेला हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता है।रथ मेला के शुभारंभ के साथ ही पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल है। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें, झूले, पारंपरिक हस्तशिल्प, खान-पान के स्टॉल और मनोरंजन के साधन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रशासन एवं मेला समिति द्वारा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।