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सोनाहातु मानव वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए डालसा का जागरूकता कार्यक्रम नालसा योजना संवाद पर किया गया फोकस

 


सोनाहातु प्रखंड क्षेत्र के हेसाडीह पंचायत के पापरीदा,सावडीह तथा जीन्तू पंचायत के महकमशीला,हितजारा गांव में रविवार को मानव वन्यजीव पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने को लेकर नालसा योजना 2025 के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।जिसमें न्यायमूर्ति सह कार्यपालक अध्यक्ष झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा निर्देश पर सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायमूर्ति सह अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन डालसा सचिव राकेश रोशन की अध्यक्षता में जागरूकता अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया।मौके पर एलएडीसी चीफ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव,डिप्टी एलएडीसी कविता खाती,अनुप कुमार, स्वीकृति विधाता,भुप्रताप महतो,कपिल देव केशरी, सुभाष चन्द्र महतो,भोलानाथ महतो,आशिकराज महतो दिलखुश महतो,संजय भोक्ता, रूपनारायण मुंडा,आरती देवी, रूक्मिणी देवी,मुक्तेश्वर पाहान,इंदूबाला देवी उपस्थित थे।एलएडीसी चीफ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इंसान और जंगली जानवर के बीच टकराव से दोनों का बुरे नतीजे होते हैं।जिससे इंसान की मौतें,चोट या फसल का नुक़सान भारत में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।हाल के दिनों में ऐसी हजारों घटनाएं हो चुकी है।जानवरों की टकराव से दुखद इंसानी मौतें और आर्थिक नुकसान होता है। डिप्टी एलएडीसी कविता कुमारी खाती ने कहा कि हाथी,बाघ,तेंदूए,जंगली सूअर,पक्षी,हिरण जैसे जंगली जानवर जंगलों के सटे इलाकों में होता है।इसके शिकार कमजोर ग्रामीण या आदिवासी समुदाय के लोग अक्सर होते देखा जाता है।ऐसे कमजोर वर्ग के लोगों के लिए मुफ्त कानूनी मदद दी जाती है।एलडीसी सहायक अनुप कुमार और स्वीकृति विनाया ने उपस्थित ग्रामीणों को बताया कि प्रभावित व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची से संपर्क कर सकते हैं।उक्त योजना का लाभ ग्रामीणों को जागरूक कर जानकारी दी गई।आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय अदालत की भी जानकारी दी गई।यह जानकारी डालसा सचिव राकेश रोशन ने दी।

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