रफ्तार संवाददाता रंजीत, पालकोट (गुमला)।
ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी पालकोट में रथयात्रा महोत्सव के अवसर पर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु के विभिन्न अवतारों के दर्शन कराने की प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। रथयात्रा के दूसरे दिन पालकोट के अटलबली मंदिर तथा कंसारी बस्ती स्थित मौसी बाड़ी जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ के विग्रह को कच्छप (कूर्म) अवतार के स्वरूप में अलंकृत कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराया गया।भगवान के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में उमड़ पड़ी। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान जगन्नाथ के कच्छप अवतार का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान विष्णु के कच्छप अवतार के दर्शन से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है तथा सभी कष्टों का निवारण होता है।मंदिर के पुजारियों ने बताया कि रथयात्रा अवधि के दौरान भगवान जगन्नाथ को भगवान विष्णु के दस प्रमुख अवतारों के स्वरूप में प्रतिदिन विशेष श्रृंगार कर भक्तों के दर्शनार्थ प्रस्तुत किया जाता है। इस क्रम में अलग-अलग दिनों में मत्स्य, कच्छप, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और राजा रूप अवतार के स्वरूपों का दर्शन कराया जाता है।पालकोट में भगवान जगन्नाथ के दशावतार दर्शन की यह अनूठी परंपरा नागवंशी राजाओं की देन मानी जाती है। वर्षों पुरानी इस धार्मिक परंपरा को आज भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह परंपरा पालकोट की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति एवं श्रद्धा का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के कच्छप अवतार का दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। रथयात्रा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।