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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सब्जी उत्पादन सुधार हेतु वैज्ञानिकों से किसानों के साथ समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया

 

वाराणसी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान परिसर में रक्त-चंदन के पौधरोपण के साथ वैज्ञानिकों की समीक्षा बैठक का शुभारंभ किया। मंत्री ने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों को सब्जी उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित करना चाहिए तथा उन्नत तकनीकों को शीघ्र खेत स्तर तक पहुंचाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने प्रक्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों से बीजों की उपलब्धता, गुणवत्ता, उत्पादन लागत कम करने के उपायों तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर चर्चा की। ग्राफ्टेड बैंगन-टमाटर (ब्रिमेटो) और आलू-टमाटर (पोमेटो) जैसी उन्नत तकनीकों पर वैज्ञानिकों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री ने इसकी सराहना करते हुए इन तकनीकों को किसानों तक शीघ्र उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने हाई-टेक नर्सरी की उपयोगिता रेखांकित करते हुए एफपीओ के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पौध एवं बीज उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।

मंत्री ने वैज्ञानिकों से टमाटर सहित अन्य सब्जियों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने, प्रसंस्करण योग्य किस्मों के विकास, निर्यातोन्मुखी उत्पादन तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने को कहा। संस्थान द्वारा विकसित सूक्ष्मजीव जैव उर्वरक, बायो-स्टिमुलेंट तथा बायोपेस्टिसाइड उत्पादों का भी अवलोकन किया गया।

उन्होंने कहा कि उन्नत किस्मों का विकास, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, लागत घटाने वाली तकनीकों का प्रसार तथा किसानों को बाजार से सीधे जोड़ना उनकी आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मंत्री ने संस्थान को तकनीकों के त्वरित प्रसार, निर्यातोन्मुखी सब्जी प्रजातियों के विकास, स्टार्ट-अप एवं एफपीओ के साथ साझेदारी तथा युवाओं को कृषि-उद्यमिता से जोड़ने के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री ने आगामी रबी सत्र के लिए क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने तथा जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए सब्जी उत्पादन प्रणाली को अधिक लचीला बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों एवं शोध संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर तकनीक हस्तांतरण की गति तेज करने की आवश्यकता बताई।

बैठक में संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने संस्थान की उपलब्धियों तथा किसानों के साथ किए जा रहे कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि सब्जी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किसानों को संसाधन एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। आईसीएआर के सहायक महानिदेशक डॉ. सुधाकर पांडेय ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी।

बैठक में संबंधित संस्थानों के वैज्ञानिकों, राज्य कृषि विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्रों के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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