सौरभ राय/रफ्तार मीडिया

कोडरमा/ रांची:शनिवार को  कोडरमा में आयोजित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना  संवाद कार्यक्रम के दौरान 'सम्मिलित ज़िम्मेदारी' अभियान का शुभारंभ केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने मातृ पोषण और जीवन के पहले 1,000 दिनों के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी बताया। कार्यक्रम के दौरान 'मातृ पोषण की डोर, उज्ज्वल भविष्य की ओर' थीम पर सभी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई गई तथा डिजिटल शपथ काउंटर का भी शुभारंभ किया गया।

मातृ एवं शिशु पोषण को जन आंदोलन बनाने का दिया संदेश

मौके पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने संदेश देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु पोषण को केवल सरकारी कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे समाज के हर वर्ग की भागीदारी से जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे का भविष्य मां के गर्भ से ही आकार लेना शुरू हो जाता है। जीवन के पहले 1,000 दिनों में किया गया निवेश पूरे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यही वह समय होता है जब मस्तिष्क का सबसे तेज विकास होता है और शरीर की मजबूत नींव तैयार होती है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मातृ एवं शिशु पोषण को मिली प्राथमिकता- अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार मातृ एवं शिशु पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के माध्यम से पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के जरिए समयबद्ध पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना

अन्नपूर्णा देवी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं तथा अन्य अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उनके समर्पण और सेवा भावना के कारण लाखों माताओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

इनकी रही सहभागिता

कार्यक्रम में कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव, बरकट्ठा विधायक अमित कुमार, बरही विधायक मनोज कुमार यादव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में गर्भवती एवं धात्री महिलाएं, नवविवाहित महिलाएं, उनके परिवार के सदस्य, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, युवा और स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

अभियान का उद्देश्य

'सम्मिलित ज़िम्मेदारी' अभियान का उद्देश्य मातृ पोषण और जीवन के पहले 1,000 दिनों के महत्व के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करना और जनभागीदारी बढ़ाना है। अभियान का संदेश 'मातृ पोषण की डोर, उज्ज्वल भविष्य की ओर' इस बात पर बल देता है कि स्वस्थ मां और सुपोषित बच्चे ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव हैं।