US-Iran Tension:ईरान से बातचीत के संकेत, लेकिन मिडिल ईस्ट की ओर बढ़े अमेरिकी युद्धपोत—ट्रंप का बड़ा बयान
वॉशिंगटन (Washington) — अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने गुरुवार को कहा कि बढ़ते तनाव (Rising Tension) के बीच वह ईरान से बातचीत (Talks) करने की योजना बना रहे हैं। ट्रंप ने कैनेडी सेंटर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि इस समय अमेरिका के बेहद ताकतवर युद्धपोत (Powerful Warships) ईरान की ओर बढ़ रहे हैं और यह बेहतर होगा कि उन्हें इस्तेमाल न करना पड़े।
ट्रंप ने कहा, “हमारे बहुत बड़े और बेहद ताकतवर जहाज इस समय ईरान की दिशा में जा रहे हैं, और यह अच्छा होगा अगर हमें उनका उपयोग न करना पड़े।” इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट (Middle East) में हालात को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता (Concern) बढ़ गई है।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 6 युद्धपोत तैनात (US Naval Deployment)
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक अमेरिकी अधिकारी ने जानकारी दी कि अमेरिका का एक नया नौसैनिक विध्वंसक जहाज (Naval Destroyer) मिडिल ईस्ट में दाखिल हो गया है। पिछले 48 घंटों में यूएसएस डेलबर्ट डी ब्लैक (USS Delbert D. Black) इस क्षेत्र में पहुंचा है, जिसके बाद वहां अमेरिकी विध्वंसक जहाजों (Destroyers) की संख्या छह हो गई है।
इसके अलावा, इस क्षेत्र में एक एयरक्राफ्ट कैरियर (Aircraft Carrier) और तीन अन्य तटीय युद्धपोत (Littoral Combat Ships) भी पहले से तैनात हैं। यह तैनाती संभावित सैन्य टकराव (Military Confrontation) की आशंकाओं को और मजबूत कर रही है।
ईरान की तैयारी, सेना को मिले 1000 नए ड्रोन (Iran Drone Power)
दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को एक हजार नए ड्रोन (Drones) सौंपे गए हैं। ईरान संभावित युद्ध की तैयारी (War Preparation) में जुटा हुआ है। तेहरान के सूत्रों के अनुसार, ईरान का मानना है कि अमेरिका की शर्तों पर कोई समझौता करना युद्ध से भी ज्यादा महंगा (More Costly) साबित हो सकता है।
यह जानकारी हिज़्बुल्लाह से जुड़े अखबार ‘अल अखबार’ (Al Akhbar) ने प्रकाशित की है।
US-इजरायल कार्रवाई से सीखकर विकसित किए गए ड्रोन (Advanced Drone Technology)
ईरानी सेना को मिले ये ड्रोन उभरते खतरों (Emerging Threats) को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। इन्हें जून में अमेरिका और इजरायल (Israel) की सैन्य कार्रवाई से मिले अनुभवों के आधार पर विकसित किया गया है। ड्रोन का निर्माण रक्षा मंत्रालय (Defense Ministry) के सहयोग से सैन्य विशेषज्ञों ने किया है।
इनमें विभिन्न श्रेणियों के ड्रोन शामिल हैं—लड़ाकू (Combat Drones), हमलावर (Attack Drones), निगरानी (Surveillance Drones) और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare Drones)। इन्हें जमीन, समुद्र और हवा में मौजूद स्थिर और मूविंग टारगेट्स (Static & Moving Targets) को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
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