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जापान से तकनीशियनों की टीम पहुंची दुमका

कुमार विक्रम/दुमका: उपराजधानी दुमका के लोगों को जल्द ही अत्याधुनिक और राज्य का सबसे बेहतर तारामंडल-प्लैनेटेरियम की सौगात मिलने वाली है. इसके लिए जापान से तकनीशियनों की टीम पहुंची हुई है।दरअसल इसमें लगाये जा रहे उपकरण जापान की प्रतिष्ठित कंपनी आरएसए कोसमोस के जरिये कोनिका-मिनोल्टा लगा रही है।इन्हीं कंपनी की ओर से जापान के दो एक्सपर्ट यहां ताकेदा एव उमेदा पिछले एक पखवारे से कैम्प किये हुए हैं। कुछ और टेक्निशियन भी पहुंचनेवाले हैं।
झारखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (जेसीएसटी) की ओर से दुमका के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में इसका निर्माण कराया जा रहा है। चार साल पहले भवन निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका था और उपकरणों के इंस्टॉल होते ही इसके आंतरिक साज-सज्जा व गैलरी निर्माण का काम होना है। जिला के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा का कहना है कि इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए संबंधित विभागों से लगातार समन्वय किया जा रहा है।बहुत तेजी से प्रोजेक्टर सहित अन्य उपकरण लगाये जा रहे हैं, ताकि दुमका के लोगों को शीघ्र ही इस सुविधा का लाभ मिल सके।

इस अति महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर समय-समय पर सरकारी उदासीनता भी दिखी। यही वह रही कि इसके निर्माण में काफी अधिक वक्त लग गया।इस परियोजना में कितना देर हुआ और कितनी शिथिलता दिखी, इसका अनुमान इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वर्ष 2015 में इस परियोजना के लिए करार किया गया था।प्रारंभिक योजना के अनुसार इसका निर्माण मार्च 2020 तक पूरा होना था, लेकिन विभिन्न कारणों से निर्माण कार्य में देरी हो गयी। अब इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। बता दें कि इस परियोजना का कार्य प्रतिष्ठित एजेंसी क्रिएटिव म्यूजियम डिजाइनर को दिया गया है।इस प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए जापानी टीम के साथ सत्यजीत गांगुली, देवाशीष दासगुप्ता, अगर पॉल एवं रूद्र प्रसाद चक्रवर्ती भी लगातार कैम्प किये हुए है।

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