दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा
जामताड़ा साइबर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शम्भु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष छापेमारी दल ने करमाटांड़ एवं जामताड़ा थाना क्षेत्र में एक साथ छापेमारी कर इस सफलता को हासिल किया। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने पहले करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सियाटांड़ एवं मट्टांड़ गांव के झाड़ीनुमा परती जमीन में छापेमारी की, जहां साइबर ठगी को अंजाम दे रहे पांच अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जामताड़ा थाना क्षेत्र के मोहड़ा से पोसोई जाने वाली पुरानी पक्की सड़क के किनारे झाड़ियों में छापेमारी कर चार अन्य अपराधियों को भी दबोच लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 27 मोबाइल फोन एवं 39 सिम कार्ड बरामद किए हैं। मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 44/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा दूरसंचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मुजाहिद अंसारी, सलामत अंसारी, सनवर अंसारी, तबारक अंसारी और सरफराज अंसारी, सभी थाना करमाटांड़, रोक्की कुमार दास, अर्जुन दास और सचिन दास सभी पोसोई, जामताड़ा तथा अमृत रूईदास दासपाड़ा बराकर पश्चिम बर्दमान,पश्चिम बंगाल शामिल हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फोनपे कैशबैक का फर्जी मैसेज भेजकर लोगों से 'एक्सेप्ट' करवाते थे, जिससे रकम उनके फर्जी एप में ट्रांसफर हो जाती थी। इसके अलावा गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर ग्राहकों को झांसे में लेते थे। बैंक अधिकारी बनकर एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी और ओटीपी हासिल करने के बाद ई-वॉलेट एवं फर्जी बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी की जाती थी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मुजाहिद अंसारी वर्ष 2024 के एक साइबर ठगी मामले तथा सलामत अंसारी वर्ष 2020 के साइबर अपराध मामले में पहले से आरोपपत्रित हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर लंबे समय से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और अन्य सहयोगियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।