logo

फरीदाबाद - अब तक 9 लाख लोग देख चुके सूरजकुंड मेला - आखिरी दिनों में दिन प्रतिदिन बढ़ रही है मेला दर्शकों की भीड़

39 वा अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला जैसे-जैसे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है वैसे-वैसे ही मेला दर्शकों की भीड़ हर रोज बढ़ती ही जा रही है इसको देखकर हस्त शिल्पी बहुत उत्साहित है क्योंकि हर् स्टॉल पर मेला दर्शक जमकर खरीदारी कर रहे हैं l, अब तक मेले में लगभग 9 लाख लोग मेला देख चुके हैं और आगे आने वाले वीकेंड पर यह संख्या 15 लाख पर हो सकती है l हर बार की तरह इस बार भी मेले में प्राचीन लुप्त होती कला बायोस्कोप की तरफ भी इस आधुनिक युग में मेला दर्शक खूब आकर्षित हो रहे हैं और अपने बच्चों को बायोस्कोप को दिखा रहे हैं और अपने पुराने समय को याद कर रहे हैं जब बायोस्कोप को भी मनोरंजन का मुख्य साधन होता था l

 दिल्ली कैंट से आई मेला दर्शन महिला ने बताया कि मेला बहुत ही खूबसूरत है और यहां बहुत क्राउड है इस मेले में देखने के लिए बहुत कुछ है और हर शिल्पियों द्वारा बहुत ही खूबसूरत क्राफ्ट देखने को मिल रहा है और मैं यहां से खूब खरीददारी करके घर वापस जाऊंगी l, उन्होंने बताया कि वह अपनी 13 महीने की बच्ची को यहां लेकर आए हैं और पिछले में मेले में यह दो महीने की थी जब मैं इसे लेकर आई थी और मेरी बच्ची यहां बहुत खुश दिखाई दे रही है ल
वही एक बुजुर्ग महिला संतोष गुप्ता ने बताया कि वह हर साल इस मेले में बड़े ही उत्साह के साथ आती हैं और कम से कम डेढ़ लाख रुपए की खरीदारी यहां से करती हैं, और यह बहुत ही खूबसूरत मेला है और हम बड़े ही उत्साह के साथ इस मेले में आते हैं क्योंकि यहां देश-विदेश के हस्त शिल्पीयो का, क्राफ्ट देखने को मिलता है l

आज के आधुनिक युग में सूरजकुंड मेले के प्रांगण में लगभग लुप्त हो चुका बायोस्कोप , मेला दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और लोग अपने बच्चों को बड़े ही उत्साह के साथ प्राचीन कला दिखा रहे हैं और उन्हें इसके बारे में बात भी रहे हैं की किस प्रकार उनके समय में जब मनोरंजन का कोई साधन नहीं था तो सिर्फ बायोस्कोप को जब गली मोहल्ले में आता था तो बच्चों की भीड़ लग जाती थी l वही बायोस्कोप लेकर मेले में आए युवक ने बताया कि जय कला अब लुप्त होती जा रही है और सिर्फ मेलों और जन्मदिन की पार्टयो तक सीमित रह गई है इसके बावजूद सूरजकुंड मेले में लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं और बच्चों को भी दिख रहे हैं वहीं उसने बताया कि उसके दादा भी मेले में बायोस्कोप लेकर आए हैं और उनसे प्रेरित होकर वह भी मेले में पहुंचा है l

Raftaar Media | सच के साथ
TAGS
RELATED POSTS