logo

होली और चंद्र ग्रहण को लेकर बालूमाथ में बढ़ी धार्मिक गतिविधियां, पुजारी ने दी आचार-संहिता की जानकारी

बालूमाथ /प्रमेश पांडे: होली पर्व और चंद्र ग्रहण को लेकर क्षेत्र में धार्मिक हलचल तेज हो गई है। शिव मंदिर बालूमाथ के मुख्य पुजारी दीपक मिश्रा ने पर्वों के दौरान पालन किए जाने वाले धार्मिक नियमों और सावधानियों की जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि होलिका दहन का पर्व 2 मार्च की रात शुभ मुहूर्त में किया जाएगा, जबकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के कारण श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। ग्रहण काल के दौरान पूजा-पाठ से परहेज करने और ग्रहण समाप्ति के बाद ही स्नान व पूजन करने की परंपरा है। इसी क्रम में 4 मार्च को रंगों का पर्व होली पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा।
पुजारी ने कहा कि ग्रहण और त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अफवाहों से दूर रहें, शास्त्रसम्मत नियमों का पालन करें और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाएं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि एक साथ होलिका दहन, ग्रहण और होली पड़ने से यह सप्ताह धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। ऐसे में मंदिरों में भीड़ बढ़ने की संभावना है और श्रद्धालु आस्था के साथ पर्वों की तैयारी में जुटे हैं।

Raftaar Media | सच के साथ
TAGS
RELATED POSTS