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डीएम जसजीत कौर ने कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेताओं को फार्मर रजिस्ट्री कार्य में सहयोग उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

 


रोहित कुमार /जिला बिजनौर:बिजनौर जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेताओं की ट्रेनिंग कराये जाने एवं धरती माता बचाओ अभियान के अन्तर्गत रसायनिक उर्वरकों के कम प्रयोग के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि घनश्याम सिंह जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कीटनाशक व उर्वरक विक्रेता मौजूद थे।
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सभी कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में अपनी भागीदारी निभाएं और जो कृषक बंधु कीटनाशक अथवा उर्वरक लेने दुकान पर आए उनका रजिस्ट्री फार्मर रजिस्ट्री संख्या मालूम करें यदि उन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन कर रखा है तो उसका नंबर बिल में जरूर अंकित करें और यदि किसी कृषक बंधु द्वारा अभी तक फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य नहीं कराया गया है, फार्मर रजिस्ट्री के लाभ बताते हुए उन्हें यथाशीघ्र फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित करना सुनिश्चित करें, ताकि वे सरकार द्वारा किसानों के हितार्थ संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अर्जित कर सकें। 
इसी के साथ उन्होंने कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि उक्त का मेकैनिज्म विकसित करें, जिससे प्रतिदिन उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रेताओं द्वारा फार्मर रजिस्ट्री के लिए किए गए कार्य की प्रगति का आकलन किया जा सके। उन्होंने सभी विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिए की अपनी दुकान पर अच्छी ब्रांड के उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं को ही रखें और किसी भी अवस्था में नकली खाद अथवा कीटनाशक दवा ना विक्रय करें। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि यदि नकली खाद अथवा उर्वरक बेचे जाने की कोई शिकायत प्रमाणित होती है तो संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त करके उनके विरुद्ध विधि पूर्वक कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। 
प्रशिक्षण के दौरान कृषि निदेशक घनश्याम सिंह ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में तकनीक का प्रयोग करें क्योंकि तकनीक का बेहतर प्रयोग मानव जीवन के लिए नितांत आवश्यक हो गया है और इसके लिए जरूरी है कि सभी तकनीक का आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करें और उसे व्यावहारिक रूप से अंगीकार करें ताकि किसान बंधु अपनी उपज और आय में ज्यादा से ज्यादा वृद्धि कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार की धरती माता बचाओ अभियान को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें और संतुलित मात्रा में ही उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करें। उन्होंने एनपीएस  ऐप के संबंध में किसान बंधुओं को जानकारी देते हुए बताया कि अपने मोबाइल में यह अपलोड करें। उन्होंने बताया कि यदि पौधे में कीड़ा लगने की शिकायत प्रतीत होती है तो उससे उसका फोटो खींचे तत्काल ऐप द्वारा बता दिया जाएगा कि उक्त पौधे में कौन सा कीड़ा लगाया है और उसके लिए कौन सी दवाई और कितनी मात्रा में प्रयोग करनी है। 
प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान जिला कृषि अधिकारी तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेताओं को नई तकनीकी एवं महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई और उनकी शंकाओं का समाधान भी किया गया।

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