रिपोर्ट :- अमित राज,गुमला

गुमला:- बसिया में मंगलवार को आदिवासी एकता मंच अनुमंडल बसिया के द्वारा दिशुम गुरु शिबू सोरेन की  पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर उनके तस्वीर पर माल्यार्पण करते हुए आदिवासी एकता मंच के कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि दी। आदिवासी एकता मंच मैं अमरजीत डंगवार शशिकांत भगत दिलीप तिर्की शांतिकेश अंजलि'एस दमदम गीता में चंद्र किशोर मुंडा सुजीत देते इत्यादि ने 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। बताया गया कि झारखंड के महानायक जननायक दिशुम गुरु शिबू सोरेन का  झारखंड राज्य अलग दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान था। 4 अगस्त के दिन यह नायक इस दुनिया को अलविदा कह कर चले गए थे।बताया गया कि भले वे इस दुनिया से चले गए मगर अपने यादों को सजाए रखें और ऐसे वीर योद्धा को हम लोग नमन करते हैं। 
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद 9 अगस्त को कोनवीर स्थित सरहुल अखरा में सुजीत टेटे के नेतृत्व में आदिवासी दिवस मनाए जाने को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। सुजीत टेटे ने बताया कि उस दिन भारी संख्या में लोग आदिवासी दिवस मनाने के लिए वहां जुटेंगे। वहां पर खुदा दल और आदिवासी समाज के हजारों लोग पहुंचेंगे जो अपने पारंपरिक वेशभूषा के साथ-साथ मंडल नगाड़ा एवं अन्य संस्कृत वादी यंत्रों के साथ सांस्कृतिक नृत्य संगीत भी करेंगे बताया गया कि वहां आने वाले लोग स्वेच्छा धाम कर सकते हैं क्योंकि कार्यक्रम पूरी तरह से स्वेच्छादन से आयोजित किया जा रहा है। सुजीत टेटे ने आदिवासी एकता मंच के केंद्रीय कमेटी के बारे में जानकारी दिया कि संयोजक शशिकांत भगत,अजीत गुड़िया, निमरोध एक्का,अध्यक्ष अमरजीत डांगवार, महासचिव सुघड़ तोपनो, सचिव रोहित एक्का, अमित कुंडलाना, सुनीता टोपनो,कार्तिक भगत और ओरयानी बेड़ा, उपाध्यक्ष प्रदीप सोरेन उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश सोरेंग,दिलीप तिर्की, कोषाध्यक्ष शांति खेस,सह कोषाध्यक्ष विवियाना लकड़ा समेत कई सदस्य चयन किए गए हैं।