मोतिहारी |पताही स्वास्थ्य विभाग

पूर्वी चंपारण में नए सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार के पदभार संभालने के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई लंबित मामलों को लेकर लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। इन्हीं मामलों के क्रम में पताही के खुटौना स्वास्थ्य उपकेंद्र की सीएचओ अंजलि के पिता ने जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव से मुलाकात कर आवेदन सौंपते हुए निष्पक्ष एवं नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि खुटौना स्वास्थ्य उपकेंद्र से जुड़े मामले की जांच पहले ही पूरी कर जिला स्तर पर रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना था कि जांच रिपोर्ट के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से संबंधित पक्षों में असंतोष बना हुआ है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि पताही प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक शंकर बैठा ने भी पूर्व में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी कई कमियों और अनियमितताओं की लिखित रिपोर्ट जिला स्तर पर भेजी थी। उनका कहना है कि यदि उस समय रिपोर्ट पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई होती, तो बाद में सामने आए कई विवाद और बैजू राउत मिस्त्री की मौत जैसे मामले पर सवाल खड़े होने की नौबत शायद नहीं आती।
अंजलि के पिता ने जिलाधिकारी से कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं के संचालन में प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आग्रह किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था में लोगों का विश्वास मजबूत हो सके।
बताया जाता है कि जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने आवेदन में उठाए गए बिंदुओं को गंभीरता से सुना और संबंधित तथ्यों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
उल्लेखनीय है कि जिले में पताही में कथित दवा नष्ट करने का मामला, खुटौना स्वास्थ्य उपकेंद्र से जुड़ी शिकायत, जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोप तथा बैजू राउत मिस्त्री की मौत जैसे कई मामलों की जांच पहले से चर्चा में है। इन मामलों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच प्रक्रिया जारी बताई गई है, जबकि अंतिम निष्कर्ष और आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

अब जिलेवासियों की नजर नए सिविल सर्जन और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि लंबित जांचों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निष्पादन होगा और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।