दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।

जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के गांगूडीह गांव में मंगलवार को दिशोम गुरु स्वर्गीय वीर शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और भावपूर्ण वातावरण में मनाई गई।कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष सह युवा नेता प्रदीप मंडल ने किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में झामुमो नेता,कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने वीर शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू ने कहा कि दिशोम गुरु वीर शिबू सोरेन ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने झारखंड की पहचान और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। उनके संघर्ष और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप मंडल ने कहा कि गुरुजी ने महाजनी प्रथा के खिलाफ अपने ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत गांगूडीह गांव से की थी। यह गांव उनके संघर्ष की महत्वपूर्ण कर्मभूमि रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांगूडीह को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र झारखंड के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार और विकास के नए अवसर मिलेंगे। सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल ने कहा कि दिशोम गुरु का जीवन समाज के वंचित, गरीब और शोषित वर्ग के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों को आत्मसात कर ही समाज और राज्य का समग्र विकास संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गुरुजी के संघर्ष और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मौके पर जिला उपाध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश प्रसाद साव, इम्तियाज अंसारी,अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष सगीर खान, झामुमो नेता लालू अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष देवीषण हांसदा, पूर्व मुखिया सीताराम बास्की, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष ताहा अंसारी , युवा नेता सादिक़ अंसारी , रिजवान शेख, सुधांशु शेखर, राजीव राणा, अमन अंसारी, तनवीर आलम, ज़ाहिद करीम , जाबेद अंसारी सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।