झारखंड के टंडवा–सिमरिया मार्ग पर प्रदर्शन के कारण 10 जुलाई से शुरू हुआ सड़क जाम अब एक गंभीर चुनौती बन गया है। 10 जुलाई को आंशिक रूप से शुरू हुआ यातायात अवरोध 11 जुलाई से पूर्ण सड़क बंदी में बदल गया, जिससे कोयला परिवहन लगभग ठप हो गया है।
डाड़ी नो-एंट्री प्वाइंट से लेकर खधैया तक टंडवा–सिमरिया मार्ग पर भारी वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। इसके अलावा सिमरिया–हजारीबाग मार्ग और सिमरिया–बगरा मार्ग पर भी ट्रकों की कई किलोमीटर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। सैकड़ों कोयला लदे ट्रक कई दिनों से फंसे होने के कारण विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों तक कोयले की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
सबसे अधिक परेशानी ट्रक चालकों को हो रही है। सुरक्षा कारणों से वे अपने वाहन छोड़ नहीं सकते और 10 जुलाई से ट्रकों में ही रहने को मजबूर हैं। भोजन, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का संकट लगातार बढ़ रहा है।
जाम का असर आम नागरिकों पर भी पड़ा है। छात्र, मरीज, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी घंटों जाम में फंस रहे हैं, जिससे दैनिक जीवन और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।