सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया/रांची: राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आगामी 16 जुलाई को आयोजित होने वाले भगवान जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथ यात्रा महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से लोक भवन में जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें रथ यात्रा महोत्सव में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को रथ यात्रा महोत्सव की विशेषता को लेकर दी जानकारी

प्रतिनिधिमंडल में जगन्नाथपुर मंदिर के प्रथम सेवक सुधांशुनाथ शाहदेव साथ न्यास समिति के सचिव प्रसन्न कुमार, सदस्य कमल ठाकुर एवं गोपाल उपाध्याय  उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को रथ यात्रा महोत्सव के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया और 16 जुलाई को आयोजित होने वाले रथ यात्रा महोत्सव में में शामिल होने का आग्रह किया।
प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को बताया कि रांची की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक है। हर वर्ष इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन एवं रथ यात्रा की भव्य आयोजन को देखने के लिए जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचते हैं।

335 वर्षों से जीवित है रांची की रथ यात्रा की गौरवशाली परंपरा

जगन्नाथपुर मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव ने बताया कि रांची की रथ यात्रा का इतिहास लगभग 335 वर्ष पुराना है। यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी उसी श्रद्धा, भक्ति और विधि विधान के साथ निभाई जा रही है, जिस प्रकार इसका शुभारंभ हुआ था। उन्होंने कहा कि समय के साथ आयोजन का स्वरूप भले ही विस्तृत हुआ हो, लेकिन इसकी मूल धार्मिक परंपराएं आज भी अक्षुण्ण हैं।उन्होंने बताया कि जगन्नाथपुर मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां आयोजित रथ यात्रा देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। हर वर्ष राज्य सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने पहुंचते हैं।