नई दिल्ली: देशभर में जारी छात्रों के तीव्र विरोध प्रदर्शनों और NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंप दिया है।
इस्तीफे के कारणों पर बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे नहीं चाहते कि छात्रों के आंदोलन का फायदा कोई देश-विरोधी तत्व उठाए या फिर छात्र किसी कानूनी पचड़े में फंसकर अपनी पढ़ाई और करियर से भटकें।
NEET-UG मामले पर सफाई
पूर्व शिक्षा मंत्री ने अपने त्यागपत्र में मई 2026 में आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को परीक्षा में अनियमितता की खबर आते ही सरकार ने तुरंत जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी और परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद 21 जून को 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए दोबारा पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित की गई, जिसका परिणाम 16 जुलाई को घोषित किया गया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में ऐसी धांधली रोकने के लिए अगले सत्र से यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT Mode) में आयोजित की जाएगी।
'छात्रों को गुमराह करने की कोशिश हुई'
धर्मेंद्र प्रधान ने अफसोस जताते हुए कहा कि वे पहले दिन से ही इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी ले रहे थे, लेकिन कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को भड़काने और गुमराह करने का काम किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और अपने सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी देश और युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।