सौरभ राय/रफ्तार मीडिया/रांची:झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में  'वी.बी. ग्राम जी योजना' को मंजूरी प्रदान कर दी गई। राज्य सरकार का प्रयास है इस योजना के माध्यम से विशेष रूप से आदिम जनजाति  परिवारों को अधिक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जाएगी।कैबिनेट की बैठक के बाद ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पाण्डे सिंह ने  कहा कि इस योजना के 40 प्रतिशत वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार स्वयं करेगी। आदिम जनजाति परिवारों को इस योजना के अंतर्गत 150 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में होगाकार्य- दीपिका पाण्डे सिंह
मंत्री दीपिका पाण्डे सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि राज्य के आदिम जनजाति परिवारों को इस योजना के अंतर्गत 150 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम करेगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि पात्र परिवारों को योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।दीपिका पाण्डे सिंह ने इस दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार पहले से संचालित मनरेगा व्यवस्था को ही पूर्ववत जारी रखना चाहती थी इसके लिए राज्य विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। वहीं, उन्होंने कहा वी बी ग्राम जी योजना के तहत मजदूरों को मिलने वाले रोजगार की गारंटी को लेकर हम अब भी आशंकित है ।