बिरनी/गिरिडीह | रफ्तार मीडिया

बिरनी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत शखबरा पंचायत में आम बागवानी योजना को लेकर कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 में अमरूल अंसारी की जमीन पर करीब 3 लाख 59 हजार 85 रुपये की लागत से आम बागवानी योजना संचालित की गई थी। लेकिन वर्तमान में संबंधित जमीन पर एक भी आम का पेड़ दिखाई नहीं देने की बात सामने आ रही है।

सूत्रों का दावा है कि सरकारी रिकॉर्ड में आम बागवानी योजना के तहत कार्य किए जाने की जानकारी दर्ज है, जबकि मौके की स्थिति इससे अलग नजर आ रही है। यदि योजना के तहत वास्तव में पौधरोपण किया गया था, तो वर्षों बाद भी जमीन पर पौधों या पेड़ों का नहीं मिलना कई सवाल खड़े करता है।

मामले में योजना के क्रियान्वयन, पौधरोपण, रखरखाव, भुगतान और निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में पंचायत के मुखिया की भूमिका को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, योजना के क्रियान्वयन में मुखिया की वास्तविक भूमिका क्या रही और उनकी ओर से क्या कार्रवाई या निगरानी की गई, यह संबंधित अभिलेखों और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि योजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, तो उसका परिणाम जमीन पर दिखाई क्यों नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रखंड प्रशासन से मामले की स्थल जांच, सरकारी अभिलेखों का सत्यापन और योजना में खर्च हुई राशि की जांच कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस योजना की जमीनी हकीकत की जांच कराएगा और अगर सरकारी रिकॉर्ड एवं स्थल  निरीक्षण में अंतर पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?