दुमका:दुमका जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से सुप्रसिद्ध शिकारीपाड़ा प्रखंड के मलूटी ग्राम में प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) पदाधिकारियों का एक दल पहुंचा। इस दौरान अधिकारियों ने गुप्त काशी के नाम से विख्यात मलूटी के ऐतिहासिक टेराकोटा मंदिरों के दर्शन किए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस खास मौके पर जिले से विकास मिश्रा, शिकारीपाड़ा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सहित अन्य अधिकारी और कर्मी मुख्य रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने सातों प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें क्षेत्र की ऐतिहासिक महत्ता से अवगत कराया।
पूजा-अर्चना के पश्चात प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने मलूटी मंदिर परिसर का व्यापक निरीक्षण किया और यहाँ की अद्वितीय टेराकोटा वास्तुकला की जमकर सराहना की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई, पर्यटकों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की वर्तमान स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने सदियों पुराने इन मंदिरों के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने और रखरखाव की व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
दौरे के अंत में अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासनिक टीम के साथ मलूटी के पर्यटन विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मलूटी को एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में और बेहतर ढंग से स्थापित करने तथा यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, सुरक्षा और सुलभ आवागमन की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षु अधिकारियों के इस दौरे को मलूटी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विकास के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।