चंडीगढ़ ; दीनबंधु सर चौ. छोटूराम ने अपनी कलम की ताकत से कर्ज में डूबे समाजों को करवाया आजाद — शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सर चौ. छोटूराम ने अपनी कलम की ताकत से कर्ज में डूबे समाजों को आजाद करवाया। उन्होंने गरीब, मजदूर व कमेरे वर्ग की जिंदगी में खुशहाली लाने के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष किया। इसीलिए उन्हें शोषित, पीड़ित और कमेरे वर्ग का मसीहा कहा गया है। चौ. छोटूराम किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं बल्कि सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य करने के लिए जाने जाते है। जाट शिक्षण संस्था बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर उन्हें अनमोल हीरे बनाये।
महिपाल ढांडा स्थानीय जाट शिक्षण संस्था के महाविद्यालय प्रांगण में आयोजित रहबर-ए-आजम दीनबंधु चौ. सर छोटूराम जी के 145वें जन्मोत्सव पर बतौर मुख्यातिथि उपस्थितगण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने स्वैच्छिक कोष से जाट शिक्षण संस्था को 11 लाख रुपये की धनराशि देने की घोषणा करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी संस्था को आवश्यकता अनुसार मदद देंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महर्षि दयानंद एवं दीनबंधु सर छोटूराम के जीवन से सीख लेकर गरीबों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहे है। उन्होंने भी यह संकल्प लिया है कि वे हमेशा गरीब वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह सीख उन्होंने सर छोटूराम जी के जीवन से प्राप्त की है। प्रधानमंत्री ने विश्व में देश के विचार को मजबूती से रखा है तथा भारत को वर्ष 2047 तक विश्व गुरु व विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को सिद्धि में बदलने के लिए हमें महापुरुषों की शिक्षाओं का अनुसरण करना है।
उन्होंने कहा कि आज विश्व के कुछ विकसित राष्ट्र अपने हित के लिए दूसरे देशों को खंडहर में बदल रहे है। भारत की ऐसी सोच कभी नहीं रही। वह तो केवल मानव कल्याण व विश्व शांति की बात करता है। उन्होंने उपस्थितगण का आह्वान किया कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर नागरिक अपना योगदान दें। समाज से अशिक्षा, रोग दूर हो तथा आपसी समरसता का भाव हो। हर नागरिक आत्ममंथन करते हुए देश के विचार को जीवन में धारण करें।
उन्होंने कहा कि जाट शिक्षण संस्था लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। संस्था के खिलाड़ी भी प्रदेश व देश का नाम रोशन कर रहे है। उन्होंने संस्था के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के साथ जोडक़र कौशल युक्त बनाये ताकि वे रोजगार तलाशने वाले न बनकर रोजगार देने वाले बने। उन्होंने कहा कि बच्चों को जीवन में अच्छे संस्कार दें तथा देशभक्ति की भावना प्रबल करें।
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