दीपचंद्र दीक्षित, ब्यूरो चीफ

फर्रुखाबाद/नवाबगंज। विकासखंड नवाबगंज के गांव उम्मरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों एवं प्रधानाचार्य के समय से विद्यालय नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। बच्चों और ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक अक्सर निर्धारित समय से देर से पहुंचते हैं, जिसके कारण छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन विद्यालय के मुख्य गेट पर खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। इससे पढ़ाई भी समय पर शुरू नहीं हो पाती और बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय का निर्धारित समय सुबह 7:30 बजे से है। अधिकांश बच्चे समय से पहले ही विद्यालय पहुंच जाते हैं, लेकिन कई बार विद्यालय का गेट समय पर नहीं खुलता क्योंकि शिक्षक और प्रधानाचार्य देर से पहुंचते हैं। बच्चों का कहना है कि उन्हें रोजाना काफी देर तक बाहर इंतजार करना पड़ता है और शिक्षकों के आने के बाद ही विद्यालय का संचालन शुरू हो पाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब शिक्षक स्वयं समय का पालन नहीं करेंगे तो बच्चों में अनुशासन की भावना कैसे विकसित होगी। उनका कहना है कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन विद्यालय स्तर पर लापरवाही से इन प्रयासों पर असर पड़ रहा है।

अभिभावकों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार न होने से ग्रामीणों में रोष है।

बच्चों ने बताया कि वे प्रतिदिन समय से विद्यालय पहुंचते हैं, लेकिन शिक्षकों के देर से आने के कारण उनकी पढ़ाई का महत्वपूर्ण समय नष्ट हो जाता है। उनका कहना है कि यदि शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचें तो नियमित रूप से पढ़ाई शुरू हो सकेगी और उनका शैक्षिक नुकसान नहीं होगा।

खंड शिक्षा अधिकारी अमर सिंह राणा ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। यदि शिक्षकों और प्रधानाचार्य के देर से आने की शिकायत मिली है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।