आशीष सिन्हा /हजारीबाग
हजारीबाग चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने हजारीबाग सदर अंचल कार्यालय को बिचौलियों से मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री को एक पत्र प्रेषित किया है. चैंबर के अध्यक्ष राजकुमार जैन टोंग्या, सचिव विजय केसरी एवं संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र लाल ने प्रांत के मुख्यमंत्री से मांग किया है कि हजारीबाग सदर अंचल कार्यालय को बिचौलियों से तत्काल मुक्त करने की दिशा में त्वरित कार्रवाई की जाए. हजारीबाग सदर अंचल कार्यालय के पदाधिकारी और कर्मचारियों के मिली भगत से यह कार्यालय बुरी तरह बिचौलियों के भंवर जाल में फंस चुका है. इस अंचल में निवास करने वाले लोगों को छोटे से छोटे विभागिया कार्यों के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है. विद्यार्थियों को भी स्कूल और महाविद्यालय के कार्यों में काम आने वाले कागजातों के लिए भी बार-बार दौड़ना पड़ रहा है. वहीं दूसरी और दाखिल खारिज जैसे कार्यों की संचिकाओं को अकारण वापस कर दिया जाता है. फलस्वरुप सैकड़ो लोगों की दाखिल खारिज की संचिकाएं अधर में लटकी पडी है. क्या इस अंचल में जमीन की खरीद बिक्री पर पबंदी लगी हुई है ? क्या इस अंचल में जमीन खरीदना अपराध है ? विचारणीय यह है कि जो संचिकाएं बिचौलियों के द्वारा सीधे अंचल कार्यालय को दिया जाता है, बिना किंतु, परंतु के संचिकाएं निष्पादित कर दी जाती हैं. यह क्या माजरा है ?
पत्र में आगे चैंबर ने दर्ज किया है कि एक ओर राज्य सरकार प्रांत के सभी कार्यालयओं को बार - बार यह निर्देशित करती रहती है कि किसी भी स्थिति में आम जन के कार्यों को अकारण न रोका जाए साथ ही बार - बार न दौडाया जाए. इतने कडे निर्देश के बावजूद सैकडों लोग दिन भर परेशान और निराश होकर घर लौटने के लिए बाध्य हो रहे हैं. इससे राज्य सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है. वहीं दूसरी ओर इस अंचल के निवासी त्राहीमाम कर रहे हैं.
चैंबर ने स्पष्ट रूप से यह दर्ज किया है कि सीएनटी एक्ट और खासमहल भूमि से जुडे नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. किंतु आम जन के रैयती भूमि से जुडे मामले को रोकने का सीध मतलब है, लाल फीताशाही और अफसर शाही को प्रश्रय देना. झारखंड अलग प्रांत का निर्माण इसलिए हुआ था कि इस प्रांत के निवासियों को अफसर शाही और लाल फीता शाही से मुक्ति मिल सके. लेकिन अलग झारखंड निर्माण के पचीस वर्ष बीत जाने के बावजूद हजारीबाग सदर अंचल जैसे पदाधिकारी और कर्मचारियों की मिली भगत से सपना चकनाचूर हो रहे हैं।हजारीबाग चैंबर ने राज्य के मुख्यमंत्री से मांग किया है कि शीघ्र ही हजारीबाग अंचल कार्यालय को बिचौलियों से मुक्त कराया जाए. ताकि आमजन का काम समय से हो सके. अन्यथा हजारीबाग चैंबर ऑफ़ कॉमर्स अहिंसात्मक आंदोलन के तहत धरना, बंद और प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।