सवांददाता कुमार विक्रम
दुमका- महज एक साल का प्यार और फिर खौफनाक अंत! दुमका के प्रसिद्ध मसानजोर डैम के पानी में बीते दिनों मिली एक अज्ञात युवती की लाश ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। दुमका पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को न सिर्फ 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया, बल्कि आरोपी प्रेमी को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। प्यार का दावा करने वाले सिरफिरे आशिक ने ही शादी के दबाव से बचने के लिए अपनी प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया था।

डैम में मिला था शव, ऐसे हुई पहचान-
बीते दिनों मसानजोर डैम के पानी में एक अज्ञात महिला का शव तैरता हुआ मिला था। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार कराया गया। इसे देखकर मृतिका के परिजन मसानजोर ओ०पी० पहुंचे और उसकी पहचान दुधानी निवासी 19 वर्षीय रीना कुमारी के रूप में की। इसके बाद परिजनों की शिकायत पर मोबाइल नंबर के धारक के खिलाफ हत्या कर शव छुपाने की प्राथमिकी दर्ज की गई।

तकनीकी जांच और 'एक सिम' से खुला राज-
दुमका पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सदर दिलीप खलखो के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब संदिग्ध मोबाइल नंबर की जांच की, तो पता चला कि वह सिम देवघर के सारठ निवासी राजीव रंजन मंडल के नाम पर था, लेकिन उसका इस्तेमाल उनका 18 वर्षीय बेटा केतन कुमार मंडल कर रहा था। पुलिस ने पुख्ता सबूतों के आधार पर केतन को उसके घर से दबोच लिया।

शादी का दबाव बना हत्या की वजह-
पुलिसिया पूछताछ में आरोपी केतन मंडल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि रीना और उसके बीच पिछले एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। रीना लगातार उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी झंझट से पीछा छुड़ाने के लिए उसने रीना की बेरहमी से हत्या की और पहचान छुपाने की नीयत से शव को मसानजोर डैम में फेंक दिया।

दस्तावेज और सामान बरामद-
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतिका रीना कुमारी का एक काले रंग का पिठू बैग, कढ़ाई की हुई ओढ़नी, एसबीआई बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और उसके 10वीं व 12वीं के शैक्षणिक प्रमाण पत्र बरामद कर लिए हैं। इस त्वरित और सफल उद्भेदन टीम में एसडीपीओ दिलीप खलखो, इंस्पेक्टर विष्णुदेव पासवान, ओपी प्रभारी अवधेश कुमार और अनुसंधानकर्ता चन्देश्वर रविदास सहित तकनीकी शाखा के जवान शामिल थे।