गोवर्धन रजक धनबाद (टुंडी):धनबाद जिले के दक्षिणी टुंडी अंतर्गत राजाभिट्ठा पंचायत के करमाटांड़ गांव में स्थित जामा मस्जिद की नई छत का ढलाई कार्य रविवार को धार्मिक उत्साह और सामाजिक एकता के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह मस्जिद बरवाअड्डा के समीप करमाटांड़ गांव के बीचों-बीच स्थित है। हाल के दिनों में नमाजियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मस्जिद परिसर का विस्तार (बृहदीकरण) किया गया है, ताकि ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को इबादत करने में पूरी सहूलियत मिल सके।दुआ और धार्मिक संबोधन से हुई शुरुआतछत ढलाई कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ महाराजगंज मदरसा के सदर मुफ्ती अब्दुल हई के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने अपने ओजस्वी और दीनी उत्साहवर्धक संबोधन से वहां मौजूद लोगों को प्रेरित किया। इसके बाद सामूहिक दुआ मांगी गई, जिसमें देश-दुनिया में अमन-चैन और इस नेक कार्य की सफलता की कामना की गई।पहली कड़ाही के लिए लगी ₹1,10,000 की संयुक्त बोलीइस आयोजन का सबसे आकर्षक और ऐतिहासिक पल वह रहा जब छत ढलाई की शुरुआत के लिए पहली कड़ाही उठाने की बोली लगाई गई। गांव के ही दो चिर-प्रतिद्वंद्वी, बाबा मनीर मस्तान और डॉक्टर अनवर अंसारी ने आपसी मतभेदों को भुलाकर समाज के लिए एक मिसाल पेश की। दोनों ने संयुक्त रूप से 1 लाख 10 हजार रुपये का नकद आर्थिक दान दिया और पहली कड़ाही उठाने का सौभाग्य प्राप्त किया। उनके इस कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।हजारों श्रद्धालुओं ने किया श्रमदान और आर्थिक सहयोगमस्जिद निर्माण के इस पवित्र कार्य में जिलेभर से आए सैकड़ों नामचीन मुफ्ती, हाफिज और मौलाना शामिल हुए। इसके साथ ही हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों ने न केवल आर्थिक रूप से मदद की, बल्कि खुद भारी धूप और गर्मी में श्रमदान (मजदूरी) करके जामा मस्जिद की छत ढलाई को पूरा कराया।इनकी रही गरिमामयी उपस्थितिइस मौके पर मुख्य रूप से अब्दुल रसीद अंसारी, ऐनुल अंसारी, उमर अंसारी, ताजुद्दीन अंसारी, जाहिद अंसारी, बबलू अंसारी, छुटू अंसारी और शहजाद अंसारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में मस्जिद कमेटी के सदस्यों और करमाटांड़ गांव के नवयुवकों ने दिन-रात एक कर सराहनीय योगदान दिया।