बिरनी/गिरिडीह: बिरनी प्रखंड अंतर्गत चोंगाखार पंचायत के गुरहा गांव में संचालित जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की उचित मूल्य दुकान को लेकर लाभुकों और ग्रामीणों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ज्योति महिला समूह के नाम से संचालित राशन दुकान का संचालन समूह की महिलाओं के बजाय अध्यक्ष के पति और पुत्र द्वारा किया जा रहा है, जिससे वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ज्योति महिला समूह की अध्यक्ष इंदिया देवी हैं, लेकिन दुकान से अनाज उठाव से लेकर वितरण तक की जिम्मेदारी उनके पति विश्वनाथ वर्मा और पुत्र सूरज कुमार वर्मा द्वारा निभाई जा रही है। लाभुकों का आरोप है कि राशन वितरण में पारदर्शिता की कमी है और कई बार निर्धारित मात्रा से कम अनाज दिए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। साथ ही कुछ ग्रामीणों ने अनाज की हेराफेरी और कालाबाजारी की आशंका भी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि महिला समूह के माध्यम से राशन दुकान संचालन की व्यवस्था महिलाओं को सशक्त बनाने और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन यहां समूह की भूमिका केवल नाममात्र की रह गई है। आरोप है कि समूह में निर्धारित संख्या से कम महिलाओं को शामिल किया गया है, जिससे इसकी वैधता और संचालन प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। लाभुकों ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकारी राशन जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का सीधा असर गरीब परिवारों पर पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने समूह की सदस्य संख्या, अनाज उठाव, स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी और लाभुकों को दिए गए राशन की जांच करने की मांग की है। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने की भी अपील की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को लेकर कब संज्ञान लेता है और लाभुकों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है।