चित्तरंजन:पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा क्षेत्र में सक्रिय खतरनाक आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि वही चित्तरंजन और मिहिजाम में हुई कई लूटपाट की घटनाओं का मास्टरमाइंड है। उसके पास से एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस, लूट में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल और अन्य लूट का सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 11 मई की रात चित्तरंजन रेल नगरी के 70 नंबर रोड पर एक महिला बाइक सवार से मोबाइल, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज लूट लिए गए थे। इसके अलावा 4 मई को मिहिजाम ढेंकिपाड़ा कब्रिस्तान क्षेत्र में एक रेलकर्मी से हथियार के बल पर लूट की घटना को भी इसी गिरोह ने अंजाम दिया था। जांच में सामने आया कि दोनों घटनाओं के पीछे इसी संगठित गिरोह का हाथ था, जिसका नेतृत्व यह नाबालिग कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद झारखंड के साहारडाल क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार नाबालिग न केवल इन लूटकांडों का मुख्य साजिशकर्ता है, बल्कि वह कई अन्य आपराधिक मामलों में भी शामिल रहा है। वर्ष 2025 में 6 मार्च को हुए एक गोलीकांड में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर जीवनभर के लिए विकलांग हो गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी का नेटवर्क झारखंड और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में सक्रिय था। वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देकर पुलिस से बचता रहा। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि उसके पास हथियार और वाहन आपूर्ति करने वाला एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के कई सहयोगियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि नाबालिग होने के बावजूद गंभीर अपराधों में शामिल ऐसे आरोपियों पर कानून में और सख्त कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए, ताकि अपराध पर रोक लगाई जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पूरी तरह से सफाया कर दिया जाएगा।