दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता/मिहिजाम:जामताड़ा प्रखंड अंतर्गत चन्द्रदीपा पंचायत के चन्द्रदीपा गांव में संचालित पत्थर खदान और क्रशर को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने श्री साईं इंटरप्राइजेज पर लीज क्षेत्र से बाहर अनावादी भूमि पर अवैध खनन का आरोप लगाते हुए खदान और क्रशर को तत्काल बंद कराने की मांग की है। गांव निवासी सहदेव हेंब्रम ने बताया कि मौजा संख्या-10 के प्लॉट संख्या 1146 की 2 एकड़ 45 डिसमिल अनावादी भूमि पर कंपनी द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर खनन किया जा रहा है। खदान परिसर में लगे सूचना बोर्ड के अनुसार कंपनी को केवल प्लॉट संख्या 636, 637, 638, 639, 640, 641, 1147, 1148, 1149, 1151, 1153/पी एवं 1154/पी की कुल 7 एकड़ 19 डिसमिल भूमि पर 22 अगस्त 2025 से 21 अगस्त 2035 तक खनन की लीज मिली है। बोर्ड में प्लॉट 1146 का कोई उल्लेख नहीं है।
गोचर भूमि पर मिट्टी, घरों तक उड़ रहे पत्थर
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान की बाउंड्री से सटी गोचर भूमि पर भी खनन से निकली मिट्टी डंप की जा रही है। क्रशर और नियमित ब्लास्टिंग से उड़ने वाले पत्थरों के टुकड़े व धूलकण घरों तक पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों में हर समय भय का माहौल बना रहता है। यह खदान शहरडाल-लादना मुख्य सड़क से महज 10 फीट की दूरी पर स्थित है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को ग्रामसभा के माध्यम से जामताड़ा उपायुक्त को लिखित आवेदन सौंपा गया था। इसके बाद 7 मई 2026 को मुख्य गृह सचिव, झारखंड सरकार को स्पीड पोस्ट से शिकायत भेजी गई। इसकी प्रतिलिपि उपायुक्त, जिला खनन पदाधिकारी, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी तथा अन्य विभागों को भी दी गई थी। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा
ग्रामीणों ने प्रशासन से खदान और क्रशर की निष्पक्ष जांच कर खनन कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं जामताड़ा उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।