पलामू: झारखंड के पलामू जिले के पड़वा प्रखंड स्थित सिक्का गांव में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बीते 20 दिनों के भीतर परिवार के छह सदस्यों की मौत हो चुकी है। मंगलवार देर रात रिम्स, रांची में इलाज के दौरान लाखो देवी ने भी दम तोड़ दिया। अब परिवार का केवल बड़ा बेटा अनुज मेहता और इलाजरत छोटा बेटा सुनील ही बचे हैं।

जांच में सामने आया है कि परिवार द्वारा उपयोग किए जा रहे सरसों के तेल में आर्गेमोन मेक्सिकाना (Argemone mexicana) नामक जहरीले खरपतवार के बीज का तेल मिला हुआ था। स्वास्थ्य विभाग और फूड सेफ्टी टीम ने घर से तेल और खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट में तेल के मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होने की पुष्टि हुई है।

घटना का एक दुखद पहलू अंधविश्वास भी रहा। शुरुआती मौतों के बाद परिवार के कई सदस्य समय पर इलाज कराने की बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए। बताया जाता है कि कई बार मरीज अस्पताल से भी लौट आए, जिससे बीमारी गंभीर होती चली गई और एक-एक कर छह लोगों की जान चली गई।

राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर भी रिम्स पहुंचकर मरीजों का हाल जान चुके थे और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए थे। चिकित्सकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन लाखो देवी की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उनकी मौत हो गई।

गांव में लगातार हो रही मौतों से दहशत का माहौल है। परिवार का बड़ा बेटा अनुज मेहता गहरे सदमे में है। उसने अपने परिवार के सभी मृत सदस्यों का अंतिम संस्कार किया है और अब भी छोटे भाई के स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए बैठा है, जिसका इलाज रिम्स में जारी है।

परिवार में अब तक हुई मौतें:

  • 19 जून: कुलदीप महतो
  • 20 जून: बबीता कुमारी
  • 26 जून: इंदु कुमारी (16 वर्ष)
  • 27 जून: श्वेता देवी
  • 29 जून: नकुल मेहता
  • 7 जुलाई की रात: लाखो देवी

फूड टेस्टिंग लैब, रांची की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि आर्गेमोन तेल मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका सेवन गंभीर विषाक्तता पैदा कर सकता है, इसलिए खाद्य तेल की शुद्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।