बिद्युत महतो / रफ्तार मीडिया संवाददाता, ईचागढ़

चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में झुंड से बिछड़ा एक हाथी लगातार ग्रामीण इलाकों में उत्पात मचा रहा है। पिछले दो सप्ताह से वन विभाग द्वारा बंगाल एवं पालना की क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) की मदद से हाथी को आबादी क्षेत्र से बाहर निकालने का अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। रविवार देर रात करीब 2 बजे हाथी ने कुंजवन, तामारी एवं रूगड़ी गांव में घुसकर जमकर नुकसान पहुंचाया। हाथी ने कुंजवन गांव निवासी तनु लायेक, शिवराम घाटवाल एवं अजय लायेक के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं रूगड़ी गांव में चित्तरंजन पुरान तथा तामारी गांव में लोधु मांझी के घर को भी नुकसान पहुंचाया। हाथी ने घरों में रखा अनाज, विशेषकर चावल, खा लिया और कई सामान भी बर्बाद कर दिए। घटना के बाद प्रभावित गांवों में दहशत का माहौल है। रातभर ग्रामीण घरों से बाहर निकलकर सतर्कता बरतते रहे। लगातार हाथी के गांवों में प्रवेश करने से लोगों में भय बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही मुखिया राखोहरी सिंह मुंडा प्रभावित गांव पहुंचे और क्षतिग्रस्त घरों का निरीक्षण किया। उन्होंने वन विभाग से हाथियों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते हुए प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। प्रभारी वनपाल कैलाश महतो ने बताया कि झुंड से बिछड़े हाथी को सुरक्षित तरीके से उसके दल तक पहुंचाने और आबादी क्षेत्र से दूर करने का प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि क्यूआरटी टीम पहले मैसड़ा, कालीचामदा एवं बुरूहातु क्षेत्र से हाथी को बाहर निकाल चुकी थी, लेकिन वह फिर अपने झुंड की तलाश में इलाके में लौट आया। वन विभाग द्वारा प्रभावित गांवों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों के बीच टॉर्च एवं पटाखों का वितरण किया गया है, ताकि हाथी के प्रवेश की स्थिति में लोग सतर्क रह सकें। विभाग ने लोगों से रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने और हाथी दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है।