बिद्युत महतो / रफ्तार मीडिया संवाददाता, ईचागढ़

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर योगाभ्यास, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं लोक कला प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला।

विश्व योग दिवस एवं विश्व संगीत दिवस के अवसर पर झारखंड की पारंपरिक लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की गुरु-शिष्य परंपरा योजना के तहत नटराज कला केंद्र, चोगा द्वारा राजकीयकृत मध्य विद्यालय तूता एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुईडीह में छऊ नृत्य कार्यशाला सह सांस्कृतिक प्रस्तुति का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने छऊ नृत्य के माध्यम से झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत प्रदर्शन किया। विशेष रूप से राजा-महाराजाओं का मेल तथा राक्षस मेल नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने स्कूली बच्चों और उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति से प्रभावित बच्चों ने भी इस लोकनृत्य को सीखने और आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

वहीं दूसरी ओर पिलीद स्टेडियम सहित कई स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए नियमित रूप से अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन एवं निर्देशन गुरु प्रभात कुमार महतो के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर कलाकार लखींद्र गोप, सुचांद महतो, दिनेश महतो, तानेश सिंह मुंडा, राजीव सिंह मुंडा, मानिक कालिंदी एवं मांझी कालिंदी सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम को यादगार बनाया।

विश्व योग दिवस और विश्व संगीत दिवस के संयुक्त आयोजन ने क्षेत्र में स्वास्थ्य, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का संदेश दिया।