दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।
बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य वैक्टर जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने जिलेवासियों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। उपायुक्त ने कहा कि तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी अथवा अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपने घरों, मोहल्लों और कार्यस्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने तथा कहीं भी पानी जमा नहीं होने देने की अपील की।उन्होंने सलाह दी कि सप्ताह में कम से कम एक दिन कूलर, पानी की टंकी और अन्य जल संग्रहण वाले बर्तनों को पूरी तरह खाली कर साफ करें तथा अच्छी तरह सुखाने के बाद ही दोबारा उपयोग में लाएं। घर के आसपास गड्ढों में पानी जमा होने पर उन्हें मिट्टी से भर दें या बड़े जलभराव वाले स्थानों पर मिट्टी का तेल डालें, ताकि मच्छरों का प्रजनन न हो सके। उपायुक्त ने कहा कि रात में मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगाएं तथा आवश्यकतानुसार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू, मलेरिया सहित अन्य वैक्टर जनित रोगों की जांच, उपचार और दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से मलेरिया को अधिसूचित बीमारी घोषित किया गया है। यदि किसी व्यक्ति में मलेरिया की पुष्टि होती है तो उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराना तथा इसकी सूचना संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को देना अनिवार्य है। उपायुक्त ने कहा कि डेंगू एवं मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की सामूहिक भागीदारी भी बेहद आवश्यक है।