राजू मंडल/ गांडेय:-जामताड़ा मुख्य मार्ग पर महेशमुंडा स्थित निर्मला कन्या विद्यालय के समीप सड़क निर्माण में संवेदक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सड़क पर बनाए गए अव्यवस्थित और ऊंचे 'जर्किन' (स्पीड ब्रेकर) आम राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। इस लापरवाही का खामियाजा सबसे अधिक दिव्यांगों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
घंटों फंसा रहा दिव्यांग युवक
इस अव्यवस्था का एक दर्दनाक मंजर देखने को मिला। दोनों पैरों से दिव्यांग दीपक राम अपनी तिपहिया व्हीलचेयर से अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी विद्यालय के पास बने ऊंचे जर्किन पर उनकी व्हीलचेयर फंस गई। जर्किन इतना बेढंगा और ऊंचा बनाया गया है कि काफी मशक्कत के बाद भी दीपक उसे पार नहीं कर सके और चिलचिलाती धूप में घंटों वहीं फंसे रहे।
गनीमत रही कि उसी दौरान वहां से गुजर रहे पत्रकार की नजर बेबस दिव्यांग पर पड़ी। उन्होंने तुरंत रुककर मानवीय संवेदना दिखाई और कड़ी मशक्कत के बाद दिव्यांग की व्हीलचेयर को धक्का देकर जर्किन के पार कराया।
*प्रशासन और संवेदक की कार्यप्रणाली पर सवाल*
स्थानीय ग्रामीणों में इस निर्माण को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि संवेदक ने बिना किसी मानक के मनमाने ढंग से स्पीड ब्रेकर बना दिए हैं।
ऊंचे जर्किन के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण संवेदक की मनमानी जारी है।
सड़क सुरक्षा के नाम पर बनाए गए ये जर्किन खुद हादसों को न्योता दे रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वे तुरंत इसका संज्ञान लें और मानकों के अनुरूप सुधार करवाएं।