दिनेश कुमार पांडेय /रफ्तार ब्यूरो /बोकारो
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल स्थित सभागार में जनसंख्या स्थिरता अभियान-2026 के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त अजय नाथ झा,उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, सिविल सर्जन डॉ ए बी प्रसाद, डीएस डॉ. एन पी सिंह, डीआरसीएचओ डॉ सेलीना टूड्डू आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर परिवार नियोजन जन-जागरूकता रथ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।अपने संबोधन में उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा संतुलित जनसंख्या का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु समाज की सबसे महत्वपूर्ण मानव संसाधन हैं। प्रत्येक बच्चे को बेहतर पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण तथा माता-पिता का पर्याप्त समय और स्नेह मिलना चाहिए। छोटा एवं सुनियोजित परिवार बच्चों के समुचित पालन-पोषण एवं उनके सर्वांगीण विकास का आधार है।उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी है। परिवार नियोजन से जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक वर्जनाओं को दूर करना तथा अधिक जन्मदर वाले क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुरुषों की भी समान भागीदारी आवश्यक है। साथ ही बेटियों की शिक्षा, सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित करने पर बल देते हुए चिकित्सकों, सहिया, एएनएम एवं स्वास्थ्यकर्मियों से गांव-गांव और मोहल्लों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।
मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस जनसंख्या संतुलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ाती है, वहीं अत्यधिक कम जन्मदर भी सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियां उत्पन्न करती है। इसलिए संतुलित जनसंख्या विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, महिला शिक्षा, परिवार नियोजन, परिवार परामर्श तथा बच्चों के बीच उचित अंतराल बनाए रखने के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में विश्व जनसंख्या दिवस-2026 की थीम युवा पीढ़ी की आशाएं और आकांक्षाएं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।मौके पर कार्यक्रम में डॉ. अरविंद राधाकृष्णन ने कहा कि परिवार नियोजन का उद्देश्य केवल जनसंख्या नियंत्रण नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने जनसंख्या स्थिरीकरण में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए अभियान को और प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर परिवार नियोजन एवं जनसंख्या स्थिरता अभियान के सफल क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा परिवार नियोजन अपनाकर समाज में प्रेरक भूमिका निभाने वाले सफल दंपतियों को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।