मोतिहारी
मोतिहारी, 31 जुलाई। पूर्वी चंपारण के सदर अस्पताल परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में FUSION परियोजना के अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले के चार विकास प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारियों, स्वास्थ्य प्रबंधकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम, आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों ने भाग लिया।
तीन दिनों तक चला चरणबद्ध प्रशिक्षण
29 जुलाई को आयोजित पहले दिन चिकित्सा पदाधिकारी (MO), ब्लॉक स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM), फार्मासिस्ट एवं ब्लॉक सामुदायिक प्रबंधक (BCM) को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एस.एन. सत्यार्थी ने किया तथा मेडिकल ऑफिसरों के लिए तैयार "ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल" पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल कुमार एवं जिला सामुदायिक उत्प्रेरक श्री नंदन झा भी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बाढ़ के दौरान गैर-संचारी रोग (NCD) से पीड़ित मरीजों के लिए दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत रखने पर बल दिया।
30 जुलाई को दूसरे दिन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) एवं एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री ठाकुर विश्वमोहन ने CHO एवं ANM के लिए तैयार "ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल फॉर CHO एंड ANM" पुस्तिका का विमोचन किया।
31 जुलाई को तीसरे एवं अंतिम दिन आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एडीएमओ श्री अखिलेश कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री ठाकुर विश्वमोहन तथा जिला सामुदायिक प्रबंधक श्री नंदन झा ने संयुक्त रूप से "आशा फील्ड गाइड" पुस्तिका का विमोचन किया।
बाढ़ के दौरान NCD मरीजों की देखभाल पर विशेष जोर
तीनों दिनों के प्रशिक्षण में स्वास्थ्य कर्मियों को बाढ़ की स्थिति में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग एवं अन्य गैर-संचारी रोगों से पीड़ित मरीजों की निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने, रोगों की पहचान तथा समय पर उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
प्रशिक्षण का संचालन डॉ. रविकांत सिंह, अधिकारी प्रभारी, HBCHRC मुजफ्फरपुर ने राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के सहयोग से किया। प्रशिक्षण में डॉ. तुलिका सिंह (WHO एवं राज्य NCD प्रकोष्ठ), डॉ. श्रीजिनी (SCTIMST), डॉ. निशांत कुमार (HBCHRC), डॉ. अभिनव कुमार (महावीर कैंसर संस्थान), डॉ. प्रीति बाजपेई (राज्य मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदात्री), डॉ. रजनीश कुमार (आयुष), डॉ. प्रिया कुमार (IGIMS), श्री मुकुल कुमार, श्री रवि प्रकाश तथा श्री नीरज कुमार सहित कई विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
क्या है FUSION परियोजना?
FUSION एक शोध परियोजना है, जिसे NIHR, यूनाइटेड किंगडम द्वारा वित्तपोषित किया जा रहा है। बिहार में इस परियोजना का नेतृत्व प्रो. (डॉ.) रत्ना अमृत कर रही हैं। परियोजना का उद्देश्य उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा जिलों में मानसून एवं बाढ़ के दौरान गैर-संचारी रोगों से पीड़ित मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराना है।