दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता/मिहिजाम

मिहिजाम शहर के एकमात्र और प्रसिद्ध माँ कामाख्या मंदिर में आगामी 26 जून को होने वाले विशेष उत्सव को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी है। इस धार्मिक अनुष्ठान को भव्य बनाने के लिए मंदिर के पुरोहित, स्थानीय वार्ड पार्षद और प्रबुद्ध नागरिक अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करा रहे हैं। उत्सव को लेकर कलश यात्रा, महास्नान और विशेष कन्या पूजन सहित विभिन्न सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है।

22 जून से शुरू होगा अंबुबाची योग, 26 को खुलेंगे पट

मंदिर के मुख्य पुरोहित लाल मोहन गुप्ता ने उत्सव की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 22 जून की सुबह 8:00 बजे से पहले माँ कामाख्या की विशेष पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे, जिसके साथ ही अंबुबाची योग का प्रारंभ हो जाएगा। इसके बाद, चार दिनों तक पट पूरी तरह बंद रहेंगे और 26 जून की सुबह 8:00 बजे भक्तों के दर्शन के लिए दोबारा खोले जाएंगे।

महास्नान और नौ कन्याओं का होगा विशेष पूजन

पुरोहित के अनुसार, 26 जून को पट खुलने के बाद मंदिर में पंडित कृष्ण कांत चौबे की उपस्थिति में माँ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगाजल, दूध, दही और शहद से महास्नान कराया जाएगा। इस विशेष अनुष्ठान के दौरान केवल महिलाओं को ही गर्भगृह में प्रवेश और सेवा की अनुमति होगी। माँ को नए वस्त्र पहनाने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे। इसके उपरांत, नौ देवियों के प्रतीक स्वरूप नौ कन्याओं, एक भैरवनाथ और गणपति बप्पा के रूप में बच्चों का विशेष पूजन किया जाएगा। मंदिर समिति की ओर से सभी बच्चों को नए वस्त्र और खिचड़ी का भोग वितरित किया जाएगा।

जाग्रत पीठ है कामाख्या मंदिर, सबके मन्नत होते हैं पूरे।

स्थानीय लोगों और पुरोहित का मानना है कि यह मंदिर एक जाग्रत शक्तिपीठ है, जहाँ आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है। दुःख, बीमारी और पारिवारिक अशांति से जूझ रहे श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर अगाध श्रद्धा का केंद्र है। वार्ड पार्षद और आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस भव्य उत्सव में शामिल होकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।