दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा
मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को जामताड़ा जिलेभर में ताजिया जुलूस श्रद्धा, अनुशासन और आपसी सौहार्द के साथ निकाले गए। विभिन्न गांवों एवं मोहल्लों की ताजिया अखाड़ा कमेटियों ने पारंपरिक जुलूस निकालकर क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान युवाओं ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक युद्धकला के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मार्गों पर जुटे रहे।नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड जस्टिस मूवमेंट के राष्ट्रीय सचिव हाफिज एहतेशामुल मिर्जा तथा जेएमएम अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष सागीर खान ने जिले के विभिन्न अखाड़ों में पहुंचकर कार्यक्रमों का अवलोकन किया और अखाड़ा कमेटियों का उत्साहवर्धन किया। हाफिज मिर्जा ने राजबाड़ी, मिहिजाम और नारायणपुर क्षेत्र सहित जामताड़ा के दर्जनों अखाड़ों में भाग लेकर मुहर्रम की परंपराओं और युवाओं के अनुशासित प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुहर्रम का पर्व त्याग, साहस और इंसानियत का संदेश देता है तथा समाज में भाईचारा और एकता को मजबूत करता है। सागीर खान ने भी सभी अखाड़ा कमेटियों एवं युवाओं को शांतिपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी। पूरे जिले में मुहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से सभी संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की लगातार निगरानी और प्रशासन की सतर्कता के कारण पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।