सोनाहातु प्रखंड के तेलवाडीह पंचायत अंतर्गत पेडेंगचावली गांव में 15वें वित्त आयोग की राशि से बने चबूतरे में निर्माण के 10 दिन के भीतर ही दरारें आने की खबर रफ्तार मीडिया में प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। मीडिया में खबर प्रकाशित होने के मात्र 8 घंटे के भीतर तेलवाडीह पंचायत मुखिया ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया।ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि 1 लाख 98 हजार रुपये की लागत से बने इस चबूतरे के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। लाभुक समिति अध्यक्ष मनोज कुमार बड़ाईक और सचिव विश्वेश्वर बड़ाईक की देखरेख में संपन्न बताए गए इस कार्य में बरसात से पहले ही दरारें उभरने लगी थीं। ग्रामीणों का कहना था कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो पूरी संरचना ध्वस्त हो सकती है।रफ्तार मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद तेलवाडीह पंचायत मुखिया ने तुरंत संज्ञान लेते हुए निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदार और लाभुक समिति को निर्देश दिया कि चबूतरे की मरम्मत मानकों के अनुसार कराई जाए। मुखिया ने कहा, "सरकारी राशि का एक-एक पैसा जनता के हित में लगना चाहिए। अब से पंचायत क्षेत्र में होने वाले हर विकास कार्य की निगरानी सख्ती से होगी।"स्थानीय लोगों ने मुखिया की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। एक ग्रामीण ने कहा, "पहले शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती थी, लेकिन इस बार खबर छपते ही काम शुरू हो गया। इससे हमारा भरोसा बढ़ा है।"गौरतलब है कि इसी गांव में पीसी सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण में भी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने। अब देखना होगा कि मरम्मत के बाद चबूतरा कितना टिकाऊ साबित होता है और प्रशासन प्रस्तावित कार्यों पर कितनी सख्ती बरतता है।