बेरमो/बोकारो /मिथलेश कुमार /रफ्तार मीडिया संवाददाता

तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला ने चेक बाउंस के आरोप में दोषी पाने के बाद चंद्रपुरा थाना अंतर्गत शारदा कॉलोनी निवासी सिंधु देवी को एक साल की साधारण सजा एवं 7,80,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। मालूम हो कि चंद्रपुरा थाना अंतर्गत कारीपानी निवासी परिवादी राजीव सिंह ने श्री दिग्विजय नाथ शुक्ला के न्यायालय में एक परिवाद पत्र दाखिल कर बताया कि उसकी अभियुक्त सिंधु देवी के साथ दोस्ताना संबंध था। जिसे लेकर अभियुक्त में जरूरी कार्य के लिए 6,50,000 रुपए दोस्ताना कर्ज के रूप में मांग की। जिसे देखते हुए परिवादी ने अभियुक्त को दोस्ताना कर्ज के रूप में 6,50,000 रुपए दिया था। जिसे अभियुक्त ने 1 साल के अंदर लौटाने का वादा किया था। जिसे लेकर एक इकरारनामा एवं दो चेक भी अभियुक्त परिवादी को दी थी। जब परिवादी ने समय पूरा हो जाने के बाद दोस्ताना कर्ज वापस करने की मांग की तो अभियुक्त ने दी हुई चेक से भुगतान करने की बात कही। जब परिवादी ने उक्त चेक को बैंक में भुगतान करने के लिए डाला वह चेक बाउंस हो गया। जिसकी जानकारी उसने अभियुक्त को दी। उसके बाद न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल किया। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला ने न्यायालय में उपलब्ध गवाह एवं दोनों पक्ष की अधिवक्ताओं के बहस सुनने के बाद अभियुक्त सिंधु देवी को चेक बाउंस के मामले में दोषी पाते हुए 1 साल की साधारण सजा एवं 7,80,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। अभियुक्त के अधिवक्ता के द्वारा न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने का आवेदन दिया इसके बाद अभियुक्त को जमानत पर छोड़ा गया। पारिवादी की ओर से अधिवक्ता पंकज कुमार झा ने बहस की।