रामगढ़ / डीके राठौर :मंगलवार को रामगढ़ की धरती ने एक नया इतिहास रचा। संविधान शिल्पी भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर जिले में ऐसा 'नीला सैलाब' उमड़ा कि शहर की सड़कें छोटी पड़ गईं। डॉ. भीमराव अंबेडकर समिति (अनुसूचित जनजाति) के बैनर तले आयोजित इस महा-उत्सव में भक्ति, शक्ति और संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिला।
​थाना चौक पर वीरों का जमावड़ा
​सुबह की पहली किरण के साथ ही थाना चौक स्थित अंबेडकर चौक 'जय भीम' के नारों से गूंज उठा। क्या आम, क्या खास—हर कोई बाबा साहेब की प्रतिमा के आगे नतमस्तक नजर आया।
​विधायक ममता देवी ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब के बिना आधुनिक भारत की कल्पना असंभव है।
​भाजपा नेता रणंजय उर्फ कुंटू बाबू और हिंदू जागरण मंच के जिला अध्यक्ष सत्यजीत चौधरी ने भी माल्यार्पण कर बाबा साहेब के विचारों को राष्ट्र की रीढ़ बताया।
​झांकियों ने बांधा समां, डीजे की धुन पर झूमा युवा जोश
​इस बार की जयंती सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक विशाल उत्सव में तब्दील हो गई। केथा, कोठार, सौदागर मोहल्ला और दुसाध मोहल्ला सहित मेन रोड बिजुलिया ब्लॉक से निकली 'जय भीम सेना' की झांकियों ने सबका मन मोह लिया।
​गगनभेदी नारे: हाथों में नीला झंडा थामे हजारों युवाओं की टोली जब डीजे की धुन पर "जब तक सूरज चांद रहेगा, बाबा तेरा नाम रहेगा" के नारे लगा रही थी, तो पूरे शहर का माहौल उत्सवमय हो गया।
​नगर भ्रमण: शनिचरा बाजार से शुरू हुआ यह कारवां झंडा चौक और थाना चौक होते हुए जब मेन रोड पहुँचा, तो चारों तरफ सिर्फ नीली टोपियां और झंडे ही नजर आ रहे थे।
​"बाबा साहेब का संविधान ही देश की असली ताकत है। आज की यह भारी भीड़ गवाह है कि उनके विचार आज भी करोड़ों दिलों की धड़कन हैं।"
— समिति सदस्य
​सुरक्षा के कड़े पहरे में रहा शहर
​समारोह की भव्यता और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। यातायात को सुचारू रखने के लिए मुख्य मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया था। प्रशासन की चौकसी और समिति के अनुशासन के कारण इतना बड़ा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
​मुख्य आकर्षण:
​भव्य झांकियां: बाबा साहेब के संघर्षों को दर्शाती सजीव कलाकृतियां।
​नीला रंग: पूरे रामगढ़ शहर को नीले झंडों और गुब्बारों से सजाया गया था।
​एकता का संदेश: समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।