दिनेश कुमार रजक/चित्तरंजन:चित्तरंजन भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष शंकर तिवारी ने गरीब और मेहनतकश रेल कर्मचारियों के शोषण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने रेलवे प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रेलवे में कार्यरत निजी ठेकेदारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत और अमानवीय है। शंकर तिवारी ने कहा कि जितना वेतन इन कर्मचारियों का बनता है, उसमें भी ठेकेदार मनमाने तरीके से कटौती कर बहुत कम राशि दे रहे हैं। वेतन में देरी के साथ भविष्य निधि, निर्धारित ड्यूटी समय और मानदेय के नियमों की भी अनदेखी हो रही है। उन्होंने इसे गरीब तबके के लोगों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि गरीब का दर्द मैं अपना दर्द समझता हूं। ऐसे ठेकेदारों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। उन्होंने मांग की कि दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और सभी निजी कर्मचारियों को ड्यूटी समय के अनुसार पूरा मानदेय, भविष्य निधि के साथ सही समय पर दिया जाए। शंकर तिवारी ने नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि यदि मजदूरों के हक की अनदेखी बंद नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।